राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले OBC आबादी के आंकड़ों पर घमासान, जानिए भजनलाल सरकार के दावों का पूरा ब्योरा

शरत कुमार

• 03:42 PM • 13 Aug 2026

राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले OBC आबादी के नए आंकड़ों को लेकर विवाद छिड़ गया है, जहां जनाधार डेटा के आधार पर OBC आबादी 52% से घटकर 43% बताई जा रही है.

OBC आबादी का गणित बदल गया
OBC आबादी का गणित बदल गया
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राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनावों में देरी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) के नए आंकड़ों ने राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है.

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OBC की आबादी पर क्यों छिड़ा विवाद?

वर्ष 2019 की गणना के अनुसार राजस्थान में OBC वर्ग की आबादी लगभग 52% दर्ज की गई थी, लेकिन नवीनतम डेटा (जनाधार आधारित) में यह घटकर करीब 43% बताई जा रही है. 8.5 करोड़ की कुल अनुमानित आबादी में से केवल 3 करोड़ 59 लाख लोगों को ही OBC वर्ग के तहत गिना गया है.

इस नए डेटा पर प्रदेश के प्रमुख OBC समाजों ने कड़ी आपत्ति जताई है:

  • गुर्जर समाज: समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी आबादी लगभग 5% है, लेकिन रिपोर्ट में इसे 4% के आसपास दिखाया गया है.
  • जाट समाज: जाट समुदाय का दावा है कि राज्य में उनकी आबादी 18% के करीब है, लेकिन नए आंकड़ों में इसे 12% या उससे कम कर दिया गया है.

विपक्ष (कांग्रेस) ने इसे समाज को आपस में लड़ाने की साजिश करार दिया है, जबकि सरकार के मंत्रियों का कहना है कि जन-आधार कार्ड के जरिए की गई गणना अधिक वैज्ञानिक और सटीक है.

निकाय और पंचायत चुनावों का शेड्यूल

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ट्रिपल टेस्ट और आरक्षण प्रक्रिया पूरी किए बिना चुनाव नहीं कराए जा सकते थे. अब राज्य निर्वाचन आयोग ने लॉटरी का कार्यक्रम जारी कर दिया है:

  • 13 अगस्त: 309 निकायों (10 नगर निगम, 51 नगर परिषद, 248 नगरपालिका) के प्रमुखों के पदों के लिए लॉटरी प्रक्रिया.
  • 17 अगस्त: जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पद के लिए लॉटरी.
  • 18 अगस्त: ग्राम पंचायत सरपंच और वार्ड पंच के लिए लॉटरी.

आरक्षण व्यवस्था के तहत निकायों में महिलाओं के लिए 33% और पंचायतों में 50% सीटें आरक्षित रहेंगी. निकाय प्रमुखों के 60 पद OBC, 50 पद SC और 11 पद ST वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद 20 से 22 अगस्त के आसपास राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने की पूरी संभावना है.

सौर ऊर्जा में राजस्थान का नया कीर्तिमान

निकाय चुनावों को अपनी सरकार के प्रदर्शन का पहला 'रेफरेंडम' मानकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार सक्रिय हैं. राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में देखने को मिली है. राजस्थान ने 44,135 मेगावाट (MW) की सौर ऊर्जा क्षमता हासिल कर पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है. यह क्षमता पूरे भारत की कुल सौर ऊर्जा का 27% है, जिससे न केवल राज्य के खजाने पर बोझ कम होगा, बल्कि हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में बड़ा योगदान मिलेगा.

रोजगार और सरकारी नियुक्तियों में तेजी

चुनावों से ठीक पहले भजनलाल सरकार ने सरकारी भर्तियों और पोस्टिंग प्रक्रिया में तेजी ला दी है:

  • स्वास्थ्य विभाग में 10,192 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पोस्टिंग दी गई है.
  • 305 सहायक आचार्य (डॉक्टरों) की नियुक्ति की गई है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी.
  • बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक और RPSC के विभिन्न पदों के इंटरव्यू का शेड्यूल जारी किया गया है.

हालांकि, राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में सरकारी स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति पर सख्त टिप्पणी की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सफाई देते हुए कहा कि स्कूलों की यह हालत पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान रखरखाव न होने के कारण हुई है और मौजूदा सरकार इसे सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है.

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