राजस्थान में अब रोजगार की बाढ़, 21 अप्रैल को मिलने वाला है पीएम मोदी का सबसे बड़ा तोहफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के पहले फेज का उद्घाटन करेंगे. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद इस मेगा प्रोजेक्ट के शुभारंभ की पुष्टि की है.

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दिनेश बोहरा

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राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रही एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (HRRL) का उद्घाटन अब बेहद करीब है. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा आएंगे और रिफाइनरी के पहले फेज का विधिवत उद्घाटन करेंगे.

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मुख्यमंत्री ने दी बड़ी जानकारी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हाल ही में दिल्ली दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने रिफाइनरी के काम की प्रगति रिपोर्ट पीएम को सौंपी और उन्हें उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया. मुख्यमंत्री ने अब स्पष्ट कर दिया है कि पीएम मोदी मारवाड़ की इस लाइफलाइन का शुभारंभ करने आ रहे हैं.

मारवाड़ के लिए मील का पत्थर

पचपदरा रिफाइनरी को बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर और पूरे मारवाड़ इलाके के लिए विकास का केंद्र माना जा रहा है. जैसे ही रिफाइनरी का काम शुरू होगा, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के बड़े अवसर खुलेंगे. यह देश की पहली ऐसी रिफाइनरी होगी जो आधुनिक तकनीक और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के साथ एकीकृत (Integrated) है.

विवादों और देरी से बढ़ा बजट

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही राजनीति और विवादों का नाता रहा है. 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से इसका शिलान्यास करवाया था, जिसे बीजेपी ने चुनावी स्टंट बताया था. बाद में सरकार बदली और वसुंधरा राजे के शासनकाल में एग्रीमेंट का रिव्यू हुआ, जिससे काम में देरी हुई.

  • 2013 में लागत: करीब 43,000 करोड़ रुपये.
  • वर्तमान लागत: देरी के कारण बजट बढ़कर अब करीब 79,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है.
  • देरी का कारण: प्रोजेक्ट अपनी तय सीमा (31 अक्टूबर 2022) से करीब 3 साल पीछे चल रहा है.

डबल इंजन सरकार का संदेश

पीएम मोदी का इस साल का यह दूसरा राजस्थान दौरा होगा. इस दौरे के जरिए केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वे विकास और रोजगार को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. अब देखना यह होगा कि रिफाइनरी शुरू होने के बाद स्थानीय युवाओं को कितना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल पाता है.

 

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