Rajasthan Panchayat Chunav: राजस्थान पंचायत चुनाव से हटी '2 बच्चों' की शर्त, जानें कब होंगे वोटिंग और क्या बदला कानून

आंचल गुप्ता

• 10:43 AM • 15 Jul 2026

Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान सरकार ने पंचायती राज कानून में संशोधन कर चुनाव लड़ने के लिए 'दो से अधिक संतान' की अयोग्यता को खत्म कर दिया है. अब दो से ज्यादा बच्चे वाले उम्मीदवार भी पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे. वहीं, ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट में देरी के कारण अब यह चुनाव सितंबर से नवंबर 2026 के बीच होने की संभावना है.

Rajasthan Panchayat Chunav
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Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों से ठीक पहले भजनलाल सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. सरकार ने चुनाव लड़ने के लिए वर्षों से चली आ रही 'दो से अधिक बच्चों' की पाबंदी को पूरी तरह खत्म कर दिया है. इस संबंध में 25 मार्च 2026 को आधिकारिक राजपत्र (गजट) अधिसूचना भी जारी कर दी गई है, जिसके तहत राजस्थान पंचायती राज कानून में जरूरी संशोधन किया गया है.

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अब राज्य में किसी भी व्यक्ति को सिर्फ इस आधार पर चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकेगा कि उसके दो से ज्यादा बच्चे हैं. सरकार के इस कदम से अब ग्रामीण राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हजारों नए चेहरों के लिए पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो गया है. माना जा रहा है कि इस फैसले से जमीनी स्तर पर चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे, क्योंकि पहले कई मजबूत और लोकप्रिय नेता सिर्फ इसी एक नियम के चलते चाहकर भी पर्चा नहीं भर पाते थे.

सितंबर से नवंबर के बीच हो सकते हैं चुनाव

राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय के चुनाव इस साल सितंबर से नवंबर 2026 के बीच कराए जा सकते हैं. दरअसल, हाईकोर्ट ने पहले 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने अदालत में याचिका दायर कर समय सीमा बढ़ाने की मांग की है.

सरकार का तर्क है कि राज्य में करीब 50 फीसदी आबादी ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की है और जब तक ओबीसी आयोग से राजनीतिक आरक्षण पर अंतिम रिपोर्ट नहीं मिल जाती, तब तक पारदर्शी तरीके से चुनाव कराना संभव नहीं होगा.

राज्य निर्वाचन आयोग ने भी सरकार को पत्र लिखकर साफ किया है कि आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद उन्हें पूरी चुनाव प्रक्रिया निपटाने में कम से कम 90 दिन का समय चाहिए. आयोग नगर निकाय चुनाव दो चरणों में (40 दिन) और पंचायत चुनाव चार चरणों में (50 दिन) कराने की तैयारी में है. अगर अगस्त के आखिर तक आरक्षण का मामला सुलझ जाता है, तो सर्दियों की शुरुआत से पहले प्रदेश में चुनावी बिगुल फूंक दिया जाएगा.