राजस्थान की सियासत में इन दिनों जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले के बाद सूबे में निकाय और पंचायत चुनाव कराने का रास्ता साफ होता दिख रहा है, वहीं दूसरी तरफ राज्यसभा चुनाव की तारीखों के एलान और नीट (NEET) पेपर लीक मामले ने राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. इन तमाम मुद्दों को लेकर कांग्रेस जहां आक्रामक मोड में है और भजनलाल सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने के दावे कर रही है, वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल भी बड़ी हुंकार भरने की तैयारी में हैं.
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31 जुलाई से पहले पंचायत-निकाय चुनाव का आदेश, क्या सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार?
राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया है जिसमें ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट न आने की बात कहकर चुनावों को टाला जा रहा था. कोर्ट ने सख्त लहजे में 31 जुलाई तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया है. इस फैसले के बाद सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली समेत तमाम कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है. कांग्रेस का दावा है कि इन चुनावों में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो जाएगा. हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भजनलाल सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है ताकि चुनावों को आगे के लिए टाला जा सके.
राज्यसभा चुनाव की रणभेरी: अशोक गहलोत के दिल्ली दौरे के क्या हैं मायने?
राजस्थान में आगामी 18 जून को राज्यसभा चुनाव होने हैं. सीटों के गणित के हिसाब से बीजेपी के खाते में दो और कांग्रेस के खाते में एक सीट जाती दिख रही है. बीजेपी की तरफ से सतीश पूनिया, राजेंद्र राठौड़ या केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के नामों की चर्चा है. वहीं, कांग्रेस खेमे में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिल्ली दौरे को लेकर कयासबाजी तेज है. माना जा रहा है कि गहलोत खुद राज्यसभा जाने की जुगत में हैं ताकि राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहकर राजस्थान की अपनी सरदारपुरा सीट बेटे वैभव गहलोत के लिए सुरक्षित कर सकें.
'नीट बनाम रीट': पेपर लीक पर बैकफुट पर बीजेपी, कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने जयपुर की सड़कों पर भारी भीड़ के साथ बड़ा प्रदर्शन किया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चेयरमैन के उस बयान की तीखी आलोचना हो रही है जिसमें उन्होंने इसे 'पेपर लीक' मानने से इंकार कर दिया था. कांग्रेस अब बीजेपी को उसी 'पेपर लीक' के मुद्दे पर घेर रही है, जिस मुद्दे के दम पर बीजेपी कभी गहलोत सरकार के समय 'रीट' (REET) लीक को लेकर हमलावर थी. हालांकि, कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बीच पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह और 'पर्सनल ब्रांडिंग' को लेकर भी खींचतान खुलकर सामने आ रही है.
हनुमान बेनीवाल की चुनौती: "27 मई को दिखेगा असली जलजला"
कांग्रेस के इस शक्ति प्रदर्शन को आरएलपी (RLP) नेता हनुमान बेनीवाल ने खुली चुनौती दी है. कांग्रेस की भीड़ को 'बुलाई हुई भीड़' बताते हुए बेनीवाल ने दावा किया है कि असली जनसैलाब और जलजला 27 मई को भैराणा धाम में देखने को मिलेगा, जहां वे तपती गर्मी में भी बीजेपी और सरकार के खिलाफ साधु-संतों के साथ मिलकर बड़ी हुंकार भरेंगे.
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