राजस्थान के फलोदी जिले स्थित जंभेश्वर नगर गांव से एक सनसनीखेज और दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां अपने घर के बाहर सो रही 32 साल की भंवरी देवी बिश्नोई की एक नकाबपोश हमलावर ने धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी. इस खूनी खेल में अपनी मां को बचाने दौड़ीं दो मासूम बेटियां भी हमलावर के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं.
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आधी रात को घर के बाहर हुआ जानलेवा हमला
घटना 27 जुलाई की रात करीब 12 से 1 बजे के बीच की है. पूरा गांव और भंवरी देवी का परिवार नींद में था, जबकि 32 वर्षीय भंवरी देवी घर के बाहर बनी चारपाई पर सो रही थीं. इसी दौरान चेहरे पर नकाब बांधे एक अज्ञात हमलावर हाथ में धारदार हथियार लेकर पहुंचा और भंवरी देवी पर अचानक ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया.
चीख सुनकर बचाने दौड़ीं बेटियां
भंवरी देवी की जोरदार चीख सुनकर घर के सदस्य बाहर की तरफ दौड़े. परिजनों ने देखा कि भंवरी देवी लहूलुहान हालत में अपनी जान बचाने के लिए भाग रही थीं और हमलावर उन्हें लगातार निशाना बना रहा था. मां को तड़पता देख दोनों बेटियों ने बेखौफ होकर हमलावर से मां को बचाने का प्रयास किया, लेकिन बेरहम हत्यारे ने उन पर भी हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया.
इस भयानक मंजर के बीच घर में मौजूद एक छोटी बच्ची ने अद्भुत सूझबूझ दिखाई और अपने छोटे भाई को खाट के पीछे छिपा दिया, जिससे मासूम की जान बच सकी.
अस्पताल में इलाज और इलाके में हड़कंप
घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया. परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया. इलाज के दौरान भंवरी देवी की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बड़ी बेटी को बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है.
18 दिन बाद भी सुराग नहीं, बिश्नोई समाज का फूटा गुस्सा
वारदात को 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक कातिल का कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है. पुलिस की इस नाकामी से आक्रोशित बिश्नोई समाज के लोग और स्थानीय नेता धरने पर बैठ गए हैं और सड़कों पर उतरकर इंसाफ की मांग कर रहे हैं.
SIT का गठन और 50 हजार का इनाम घोषित
बढ़ते जनाक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार व प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है. इसके साथ ही जोधपुर आईजी रेंज की ओर से हत्यारे का कोई भी सुराग या जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए ₹50,000 के इनाम की घोषणा की गई है.
अब पूरे इलाके की निगाहें SIT की जांच पर टिकी हैं कि आखिर 27 जुलाई की उस खौफनाक रात को भंवरी देवी की हत्या किस रंजिश या वजह से की गई और कातिल कब तक पुलिस की गिरफ्त में आता है.
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