पवन खेड़ा या सीपी जोशी? राजस्थान राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की एक सीट के लिए कौन है सबसे तगड़ा दावेदार

न्यूज तक डेस्क

• 10:39 AM • 24 May 2026

Rajasthan Rajyasabha Election: राजस्थान में 18 जून 2026 को होने वाले तीन राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है. पार्टी के खाते में आने वाली एक सीट के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है. अब देखना होगा कि हाईकमान किसी स्थानीय चेहरे को मौका देता है या फिर दिल्ली से कोई बाहरी नाम सामने आता है.

pawan khera, cp joshi
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Rajasthan Rajyasabha Election 2026: राजस्थान की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अचानक बढ़ गया है. आगामी 18 जून 2026 को राज्य की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. संख्या बल और राजनीतिक गणित के हिसाब से इन तीन में से दो सीटें भारतीय जनता पार्टी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना तय माना जा रहा है. इसी एक सीट पर अपना कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस के भीतर दिल्ली से लेकर जयपुर तक भारी लॉबिंग और बैठकों का दौर शुरू हो चुका है.

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पवन खेड़ा की मजबूत दावेदारी

इस रेस में सबसे पहला और प्रमुख नाम कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा का चल रहा है. राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले पवन खेड़ा मूल रूप से उदयपुर के रहने वाले हैं. साल 2022 के राज्यसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द भी जाहिर किया था. इस बार वह कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते और दिल्ली के गलियारों में उनकी दावेदारी को काफी मजबूत माना जा रहा है.

अंदरखाने सीपी जोशी का नाम सबसे ऊपर

बिना किसी शोर-शराबे के जो नाम सबसे ज्यादा वजनदार बनकर उभरा है, वह है पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का. विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष जैसी बड़ी भूमिकाएं निभा चुके सीपी जोशी का लंबा अनुभव और संगठन पर पकड़ उनकी सबसे बड़ी ताकत है. मेवाड़ की राजनीति के इस बड़े चेहरे को अगर पार्टी अनुभव के आधार पर चुनती है तो उनका पलड़ा सबसे भारी रह सकता है.

रेस में शामिल अन्य बड़े चेहरे

इन दोनों दिग्गजों के अलावा वर्तमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी एक बार फिर से दिल्ली पहुंचने की जुगत में लगे हुए हैं. संगठन में अपनी सक्रियता के दम पर वह रेस में बने हुए हैं. वहीं, उदयपुर से आने वाले दिनेश खोडनिया का नाम भी चर्चाओं में है, हालांकि पूर्व में पेपर लीक जांच के दौरान उनका नाम विवादों में आ चुका है.

स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा

कांग्रेस के लिए इस समय सबसे बड़ा संकट यह है कि राजस्थान कोटे से पार्टी के कई सांसद मौजूदा समय में बाहरी राज्यों से ताल्लुक रखते हैं. ऐसे में राजस्थान कांग्रेस के भीतर से यह मांग उठ रही है कि इस बार मौका किसी स्थानीय चेहरे को ही मिलना चाहिए. अब देखना दिलचस्प होगा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की जोड़ी राजस्थान के किसी स्थानीय नेता पर भरोसा जताती है या फिर हमेशा की तरह दिल्ली से कोई सरप्राइज नाम सामने आता है.