सवाईमाधोपुर के सरकारी स्कूल में हैरान करने वाला मामला, 500 रुपये गुम हुए तो टीचर ने छात्राओं के कपड़े उतरवाकर ली तलाशी

न्यूज तक डेस्क

16 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 16 2026 10:29 AM)

राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक सरकारी स्कूल से शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक शिक्षिका के ₹500 चोरी होने पर कक्षा 9 और 11 की छात्राओं के कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई. इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी टीचर को सस्पेंड कर दिया है.

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राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से सरकारी स्कूल की एक बेहद गंभीर और शर्मनाक घटना सामने आई है. जिले के बामनवास क्षेत्र के लिवाली गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 500 रुपये गुम होने के बाद छात्राओं की कथित तौर पर कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने का मामला सामने आया है. घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया. अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. मामले में शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक टीचर को निलंबित कर दिया है, जबकि दूसरी को कार्यमुक्त कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

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कक्षा 9 और 11 की छात्राओं से कराई गई तलाशी

जानकारी के अनुसार, स्कूल में कार्यरत एक अध्यापिका के 500 रुपये गायब हो गए थे. काफी तलाश के बावजूद पैसे नहीं मिले तो संदेह के आधार पर कक्षा 9 और 11 की छात्राओं को एक कमरे में ले जाकर उनकी तलाशी ली गई. आरोप है कि तलाशी के दौरान छात्राओं से कपड़े उतरवाए गए. इस घटना से छात्राएं मानसिक रूप से आहत हो गईं और घर पहुंचकर पूरी बात अपने परिजनों को बताई.

अभिभावकों और ग्रामीणों ने किया हंगामा

घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावक और ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए. उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध जताया और विद्यालय पर ताला लगा दिया. सूचना मिलने पर बामनवास की कार्यवाहक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रतिभा मीणा और पुलिस मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने छात्राओं के बयान भी दर्ज किए. 

ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई की.

आरोपी टीचर सस्पेंड, जांच शुरू

भरतपुर स्कूल शिक्षा के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने बताया कि सवाई माधोपुर जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सीनियर टीचर (हिंदी) सरस्वती मीणा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. राजस्थान सिविल सेवाएं नियमों के तहत उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में रहेगा. इसके साथ ही, स्कूल में कार्यरत एक अन्य व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी उनकी सेवा प्रदाता कंपनी के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है. प्रशासन ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाकर मामला शांत कराया है.