Rajasthan SI Recruitment 2021: राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. राजस्थान हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने इस मामले में सिंगल बेंज के पुराना फैसले को बरकरार रखते हुए एसआई भर्ती 2021 को रद्द करने के आदेश को कायम रखा है. 4 अप्रैल को हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस एस.पी. शर्मा ने चयनित उम्मीदवारों और राज्य सरकार की ओर से दायर अपीलों पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया.
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859 पद के लिए 7.97 लाख उम्मीदवारों ने किया था आवेदन
आपको बता दें कि एसआई भर्ती 2021 में कुल 859 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी. इसके लिए करीब 7.97 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. इस दौरान 3.80 लाख अभ्यर्थी 13 सितंबर से 15 सितंबर 2021 तक आयोजित की गई लिखित की दी थी. इस रिजल्ट 24 दिसंबर 2021 को घोषित किया गया था. इसके बाद फिजिकल टेस्ट के लिए 20 हजार 359 उम्मीदवारों को पास किया गया. फिजिकल टेस्ट 12 फरवरी से 18 फरवरी 2022 तक चला और इसका रिजल्ट 11 अप्रैल 2022 को जारी हुआ. आगे की प्रक्रिया में 3291 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए सफल घोषित किया गया. इंटरव्यू 9 चरणों में 23 जनवरी से 29 मई तक आयोजित किए गए. अंत में, इंटरव्यू के बाद एसआई भर्ती 2021 का फाइनल रिजल्ट 1 जून 2023 को जारी किया गया.
जानें मामले में कब क्या क्या हुआ?
आपको बता दें कि SI भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद जांच एसओजी को सौंपी गई. इस मामले में आरपीएससी के सदस्यों तक के नाम सामने आए और मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया. NDTV राजस्थान की खबर के अनुसार, RPSC सदस्य रामूराम राईका और बाबूलाल कटारा की गिरफ्तारी भी हुई. इसके बाद 13 अगस्त 2024 को भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई. लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को भर्ती को रद्द करने का आदेश दिया, जिसे चयनित अभ्यर्थियों ने खंडपीठ में चुनौती दी.
खंडपीठ ने 8 सितंबर को एकलपीठ के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, जिससे चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली. इसके बाद भर्ती रद्द कराने की मांग करने वाले पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. 24 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एकलपीठ के फैसले को बहाल करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ को तीन महीने के भीतर अंतिम फैसला देने का निर्देश दिया. साथ ही, चयनित SI अभ्यर्थियों की फील्ड पोस्टिंग पर रोक भी लगा दी गई. इसके बाद 19 जनवरी 2026 खंडपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
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