तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले की मांग को लेकर जयपुर में चल रहा विरोध प्रदर्शन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई वार्ता के बाद भी शांत होता नहीं दिख रहा है. दूर-दराज के जिलों से अपने तबादलों की उम्मीद लेकर पहुंचे शिक्षकों का कहना है कि सरकार केवल आश्वासन देकर उन्हें गुमराह करने का प्रयास कर रही है. वार्ता के बाद जारी किए गए पत्र को शिक्षकों ने सिरे से खारिज करते हुए इसे एक "फर्जी प्रेस नोट" करार दिया है.
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22 साल से सिर्फ नीतियां, तबादले कब?
आंदोलनरत शिक्षकों का आरोप है कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन थर्ड ग्रेड शिक्षकों के हिस्से में सिर्फ नीतियां और कमेटियों के आश्वासन ही आते हैं. भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र का जिक्र करते हुए शिक्षकों ने कहा कि 100 दिन में तबादला नीति लाने का वादा किया गया था, लेकिन दो-ढाई साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.
शिक्षकों ने तर्क दिया कि जब 2018 में बिना किसी जटिल नीति के 20 हजार शिक्षकों के तबादले किए जा सकते थे, तो अब 2018 की उसी नीति के आधार पर खाली पदों पर तबादले क्यों नहीं किए जा रहे हैं?
"बिना सील-साइन के कागज पर भरोसा नहीं"
वार्ता के बाद सामने आए प्रेस नोट को लेकर धरने पर बैठे अध्यापकों में भारी रोष है. शिक्षकों का कहना है कि जो पत्र उन्हें थमाया गया है, उस पर न तो किसी अधिकारी की सील लगी है और न ही हस्ताक्षर हैं.
शिक्षकों के अनुसार, सरकार जनवरी में नई तबादला नीति बनाने की बात कह रही है, जबकि फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो जाती हैं. ऐसे में परीक्षाओं के ठीक पहले तबादले होना व्यावहारिक रूप से असंभव है. उनका कहना है कि यह केवल आगामी पंचायत और स्थानीय चुनावों को देखते हुए आंदोलन को टालने की एक रणनीति है.
"मूलभूत सुविधाएं काटी गईं, लेकिन आंदोलन रहेगा जारी"
धरना स्थल पर मौजूद महिला और पुरुष शिक्षकों ने प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि धरने को कमजोर करने के लिए लाइट, पानी और वाशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं तक बंद कर दी गईं.
इसके बावजूद, शिक्षकों का कहना है कि जब तक सरकार खाली पदों पर या म्यूचुअल आधार पर तुरंत तबादलों की प्रक्रिया शुरू नहीं करती, वे पीछे नहीं हटेंगे. शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन आने वाले समय में और अधिक उग्र रूप धारण करेगा.
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