राजस्थान की सियासत में इन दिनों जबर्दस्त हलचल देखने को मिल रही है. सत्ता के गलियारों से लेकर विपक्ष के खेमे तक, हर तरफ सियासी घमासान मचा हुआ है. हाल ही में हुए प्रशासनिक और शैक्षणिक तबादलों (Transfers) ने राज्य की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. सिविल लाइंस में मंत्रियों के बंगलों के बाहर कार्यकर्ताओं और विधायकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. कई लोग तबादलों की सिफारिशों को लेकर आंसुओं के साथ गुहार लगाते नजर आए, जिससे यह मुद्दा भजनलाल सरकार के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है.
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तबादलों को लेकर बीजेपी और डोटासरा में आर-पार
शिक्षा विभाग और अन्य महकमों में हुए तबादलों को लेकर बीजेपी संगठन के भीतर भी असंतोष की खबरें हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुख्यालय से भेजी गई सूचियों पर सही से अमल नहीं हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है.
डोटासरा का आरोप है कि आरएसएस और सरकार उनकी गलत नीतियों का विरोध करने वालों को निशाना बना रही है. डोटासरा ने दावा किया कि उनके क्षेत्र (सीकर) और उनके करीबियों का दुर्भावनापूर्ण तरीके से ट्रांसफर किया गया है. मदन दिलावर और डोटासरा के बीच की यह आपसी जंग अब पूरी तरह से खुलकर सामने आ गई है. इन सबके बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार डैमेज कंट्रोल में जुटे हुए हैं.
स्वास्थ्य मंत्री का ऑडियो वायरल, विवादों में खींवसर
तबादलों के शोर के बीच राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस ऑडियो में एक पत्रकार द्वारा रात के सवा 12 बजे फोन करने और अस्पताल में मरीजों के तड़पने की बात कहने पर मंत्री जी उलझते नजर आ रहे हैं. मंत्री पत्रकार से कहते सुनाई दे रहे हैं कि "रात को जगाकर यह बताने का क्या मतलब है, सुबह बता देते." हालांकि मंत्री ने इस बातचीत में कुछ गलत नहीं कहा, लेकिन विपक्ष ने उनके इस रवैये को असंवेदनशील बताते हुए आड़े हाथों लिया है.
कांग्रेस में नए प्रभारी की सुगबुगाहट
दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के बीच चल रही बैठकों के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि सुखजिंदर सिंह रंधावा की जगह राजस्थान कांग्रेस को कोई नया प्रभारी मिल सकता है. सियासी गलियारों में कयास हैं कि रंधावा की अब राजस्थान में रुचि कम हो गई है.
पांचना बांध से अच्छी खबर
राजनीतिक उठापटक के बीच करौली से एक राहत भरी खबर भी आई है, जहां पांचना बांध के गेट खोलकर नहरों में पानी छोड़ दिया गया है. इससे क्षेत्र के गुर्जर-मीणा समुदायों के बीच लंबे समय से चली आ रही अदावत और पानी का विवाद सुलझने की उम्मीद जगी है. गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इसमें ट्रबल-शूटर की भूमिका निभाई है. वहीं, पेपर लीक मामले में एसओजी ने एक और मुख्य आरोपी विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है.
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