Rajasthan Weather: राजस्थान में मानसून की रफ्तार होगी धीमी, 14 अगस्त को इन इलाकों में बारिश

न्यूज तक

• 04:50 PM • 13 Aug 2026

राजस्थान में 14 अगस्त से मानसून की गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ने की संभावना है. जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग में बारिश कम होगी. वहीं जयपुर, भरतपुर, कोटा और उत्तरी हिस्सों में कुछ जगह बारिश हो सकती है. कई जिलों में मेघगर्जन और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.

Rajasthan Weather
Rajasthan Weather
Google CTA

राजस्थान में मानसून की बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है, मौसम विभाग के मुताबिक 14 अगस्त से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी, खासकर जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश इलाकों में बारिश पहले के मुकाबले कम होने की संभावना है, हालांकि जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश का असर बना रह सकता है, उत्तर-पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश होने का अनुमान है,

Read more!

मौसम विभाग की 13 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह राजस्थान में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है, 7 से 13 अगस्त के बीच प्रदेश में 52.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 38.9 मिलीमीटर थी, यानी बारिश सामान्य से 34 प्रतिशत ज्यादा रही, पूर्वी राजस्थान में सामान्य से 36 प्रतिशत और पश्चिमी राजस्थान में 31 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई,

14 अगस्त को राजस्थान में बारिश का क्या हाल रहेगा?

14 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों या कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है,

हालांकि बारिश की तीव्रता में पहले के मुकाबले कमी आने की संभावना है, मौसम विभाग ने खास तौर पर बताया है कि 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं, इसके बावजूद उत्तर-पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कुछ जगह मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है,

इन जिलों में 14 अगस्त को बारिश का असर

14 अगस्त को अजमेर में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का पूर्वानुमान है, अलवर में भी मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है, भरतपुर में भी बादल, बिजली और तेज हवाओं का असर रह सकता है,

बारां और बूंदी में 14 अगस्त को भारी बारिश के साथ मेघगर्जन और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली और कोटा में भी मेघगर्जन तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है,

सवाई माधोपुर और सीकर में भी 14 अगस्त को बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का असर रहने की संभावना है, वहीं टोंक में भी बादल छाने और तेज हवा चलने का अनुमान है, दूसरी ओर उदयपुर में 14 अगस्त के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है,

पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त को बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं है, हालांकि मौसम में स्थानीय स्तर पर बदलाव हो सकता है, डीडवाना-कुचामन में मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना दर्ज की गई है,

14 अगस्त को कहां ज्यादा बारिश की उम्मीद?

मौसम विभाग के जिलेवार पूर्वानुमान को देखें तो 14 अगस्त को बारां, बूंदी, धौलपुर, झालावाड़ और कोटा जैसे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है, इसके अलावा जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, सीकर और टोंक में भी मेघगर्जन के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना बनी हुई है,

मौसम विभाग की चेतावनी में भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भरने की आशंका जताई गई है, ऐसे स्थानों पर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जलभराव वाले इलाकों में बिजली के खंभों से भी दूरी बनाए रखने को कहा गया है,

15 अगस्त से और कमजोर होगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार 15 अगस्त से राजस्थान के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों को छोड़कर प्रदेश के ज्यादातर भागों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की प्रबल संभावना है, यानी 14 अगस्त के बाद मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे सीमित होती जाएगी,

अगले दो सप्ताह के पूर्वानुमान में भी पहले सप्ताह के दौरान राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है, हालांकि दूसरे सप्ताह में बारिश सामान्य के आसपास रह सकती है, अधिकतम तापमान दोनों सप्ताह में ज्यादातर स्थानों पर सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है,

अभी बारिश का असर क्यों बना हुआ है?

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके में बना निम्न दबाव क्षेत्र आगे बढ़कर डिप्रेशन में बदल गया है, इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है, मानसून ट्रफ भी राजस्थान के आसपास सक्रिय मौसम तंत्र से जुड़ी हुई है, इन मौसमी सिस्टम के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का असर बना हुआ है,