राजस्थान में सितंबर के दूसरे सप्ताह में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. मौसम विभाग के 3 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 14 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है. इसके साथ ही कई इलाकों में तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस ऊपर रह सकता है. हालांकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है.
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मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में पूर्वी राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय होगा. 4 से 7 सितंबर के बीच भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है. 4 और 5 सितंबर को कोटा संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है.
14 सितंबर को राजस्थान में बारिश का क्या हाल रहेगा?
14 सितंबर 2026 दूसरे सप्ताह यानी 11 से 17 सितंबर वाले पूर्वानुमान में आता है. मौसम विभाग ने इस सप्ताह राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है. सप्ताह के तापमान पूर्वानुमान में भी अधिकांश जगह अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है.
दूसरे सप्ताह के बारिश पूर्वानुमान वाले मानचित्र में भी राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित दिखाई गई हैं. दक्षिण-पूर्वी और कुछ पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना बाकी प्रदेश की तुलना में अधिक नजर आती है.
यानी 14 सितंबर को राजस्थान में पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश वाला मौसम रहने की संभावना नहीं है. ज्यादातर इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है, जबकि कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है.
किन इलाकों में बारिश की संभावना ज्यादा?
मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान में पहले सप्ताह में पूर्वी राजस्थान को ज्यादा सक्रिय बताया गया है. भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में 4 से 7 सितंबर तक बारिश की संभावना है. वहीं कोटा संभाग और आसपास के जिलों में 4-5 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है.
दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान में मानसून की स्थिति कमजोर रहने का अनुमान है. बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और नागौर के कुछ हिस्सों में 4 से 6 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है.
8 सितंबर के बाद बारिश में आएगी कमी
मौसम विभाग ने साफ किया है कि 8 सितंबर से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में दोबारा कमी आने की प्रबल संभावना है. यही वजह है कि 14 सितंबर के आसपास प्रदेश में मानसून की सक्रियता कमजोर रहने का अनुमान है.
पहले सप्ताह में पूर्वी राजस्थान में बारिश सामान्य के आसपास रह सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है. दूसरे सप्ताह में पूरे राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है.
14 सितंबर को तापमान कितना रहेगा?
14 सितंबर के लिए मौसम केंद्र जयपुर की ओर से हर जिले का अलग-अलग अधिकतम तापमान डिग्री सेल्सियस में जारी नहीं किया गया है. विस्तारित पूर्वानुमान के पेज 6 पर 11 से 17 सितंबर के लिए अधिकतम तापमान का मानचित्र दिया गया है. इस मानचित्र में जिलों को तापमान के रंग-आधारित क्षेत्रों में दिखाया गया है, लेकिन प्रत्येक जिले के सामने कोई अलग संख्यात्मक तापमान नहीं लिखा है.
इसलिए 14 सितंबर के लिए जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर, अजमेर, अलवर, भरतपुर आदि जिलों का सटीक तापमान संख्या में बताना इन दोनों PDFs के आधार पर संभव नहीं है. ऐसा करने पर अनुमान को मौसम विभाग का आधिकारिक तापमान बताने का जोखिम होगा.
हालांकि विभाग का स्पष्ट पूर्वानुमान है कि 11 से 17 सितंबर के दौरान राज्य के अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है.
राजस्थान में मानसून की स्थिति पहले ही कमजोर
3 सितंबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच राजस्थान में सिर्फ 0.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 26.5 मिमी होनी चाहिए थी. यानी बारिश सामान्य से 98 प्रतिशत कम रही. पूर्वी राजस्थान में भी बारिश सामान्य से 97 प्रतिशत कम और पश्चिमी राजस्थान में 100 प्रतिशत कम दर्ज की गई.
मौसम केंद्र जयपुर की दैनिक रिपोर्ट में भी बताया गया कि पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान में कुछ जगह हल्की बारिश और 1-2 स्थानों पर मध्यम बारिश दर्ज हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहा.
मौसम बदलने की वजह क्या है?
मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर को उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना Well Marked Low Pressure Area सक्रिय था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था और अगले 24 घंटों में दक्षिणी उत्तर प्रदेश तथा आसपास के उत्तर मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना थी. इसके अलावा मानसून ट्रफ भी राजस्थान के श्रीगंगानगर से होकर गुजर रही थी.
इन मौसमी प्रणालियों का असर सितंबर के शुरुआती दिनों में पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल सकता है. लेकिन 8 सितंबर के बाद बारिश में कमी आने का अनुमान है.
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