राजस्थान में मानसून की रफ्तार फिलहाल कमजोर बनी हुई है. 23 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.
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23 अगस्त को इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम केंद्र जयपुर की 22 अगस्त को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 23 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है. वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है. हालांकि गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और आसपास के इलाकों में 22 और 23 अगस्त को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इन जिलों में आंधी-बारिश के साथ तेज हवाओं का अलर्ट
23 अगस्त के जिला स्तर के पूर्वानुमान में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.
इनमें अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक शामिल हैं.
इसके उलट अजमेर, बांसवाड़ा, ब्यावर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सिरोही और उदयपुर में 23 अगस्त के लिए जिला स्तर पर कोई चेतावनी नहीं दी गई है.
पश्चिमी राजस्थान में राहत, मौसम रहेगा शुष्क
पश्चिमी राजस्थान के लिए 23 अगस्त को कोई चेतावनी नहीं है. बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ समेत पश्चिमी हिस्से के जिलों में 23 अगस्त के लिए जिला स्तर पर कोई चेतावनी नहीं दी गई है.
हालांकि चूरू, हनुमानगढ़ और गंगानगर के आसपास हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. इसलिए पश्चिमी राजस्थान को पूरी तरह बारिश से मुक्त नहीं माना जा सकता.
23 अगस्त के मौसम के पीछे क्या है वजह?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव क्षेत्र 22 अगस्त को भी सक्रिय था. इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. मानसून ट्रफ भी सक्रिय है. इन्हीं मौसमी परिस्थितियों के चलते राजस्थान के पूर्वी हिस्से में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है.
23 अगस्त के लिए क्या सावधानी रखें?
पूर्वी राजस्थान के जिन जिलों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है, वहां मौसम बिगड़ने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह रहेगी. मौसम विभाग के चेतावनी मानचित्र में 23 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के बड़े हिस्से में 'सतर्क रहें' स्तर दिखाया गया है. भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भरने तथा सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना भी बताई गई है.
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