Rajasthan Weather: 30 जुलाई को राजस्थान में बदलेगा मौसम, इन जिलों में अतिभारी बारिश का अलर्ट

न्यूज तक डेस्क

• 05:15 PM • 29 Jul 2026

राजस्थान में 30 जुलाई से मानसून और सक्रिय होने वाला है. जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कई जगह बारिश की संभावना है. बांसवाड़ा, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और झालावाड़ समेत कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

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Rajasthan Weather Update 30 July 2026: राजस्थान में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है. 30 जुलाई से बारिश का दायरा पूर्वी राजस्थान के साथ पश्चिमी हिस्सों में भी बढ़ने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़ और उदयपुर सहित दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश का खतरा है. पश्चिमी राजस्थान में भी बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू होने का अनुमान है. 

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 30 जुलाई को कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई से 2 अगस्त तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा. इस दौरान कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश होने की भी प्रबल संभावना है. खास बात यह है कि 30 जुलाई से पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी मानसून की गतिविधियां बढ़ेंगी. 

30 जुलाई को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में अनेक स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. दूसरी तरफ बीकानेर और जोधपुर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. 31 जुलाई को बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है. 

इन जिलों में 30 जुलाई को अतिभारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग की जिलेवार चेतावनी के मुताबिक 30 जुलाई को दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर मानसून का असर ज्यादा दिखाई देगा. बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और झालावाड़ में अतिभारी बारिश की चेतावनी है. इन इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं.  

उदयपुर में भी 30 जुलाई को अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं अजमेर और जयपुर में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है.  

ब्यावर और टोंक में भी भारी बारिश की चेतावनी है. अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, करौली और खैरथल-तिजारा जैसे जिलों में मुख्य रूप से मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है. 

पश्चिमी राजस्थान में भी बढ़ेगी बारिश

अब तक बारिश की ज्यादा गतिविधियां पूर्वी राजस्थान में दिखाई दे रही थीं, लेकिन 30 जुलाई से पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम बदलने वाला है. मौसम विभाग ने जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में 30 जुलाई से 2 अगस्त तक मानसून दोबारा सक्रिय होने का अनुमान जताया है. यहां कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. 

इसके बाद 31 जुलाई और 1 अगस्त को पश्चिमी राजस्थान में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान में इन दोनों दिनों में बीकानेर और जोधपुर संभाग के अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना बताई गई है. 

मालपुरा में बरसे 117 मिलीमीटर बादल

राजस्थान में मानसून पहले से सक्रिय है. 29 जुलाई को जारी मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के अनेक स्थानों पर हल्की से भारी और एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश हुई. पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम और एक-दो जगह भारी बारिश दर्ज हुई. सबसे ज्यादा 117 मिलीमीटर बारिश टोंक जिले के मालपुरा में रिकॉर्ड की गई. 

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मालपुरा में 117 मिमी, टोंक तहसील में 103 मिमी, झालरापाटन में 88 मिमी, अराई में 66 मिमी, शाहाबाद में 58 मिमी, नगर में 54 मिमी, लक्ष्मणगढ़ और बूंदी में 51-51 मिमी बारिश दर्ज हुई. पश्चिमी राजस्थान में जायल में 101 मिमी, लाडनूं में 56 मिमी, सुजानगढ़ में 35 मिमी, डेगाना में 27 मिमी और मेड़ता सिटी में 22 मिमी बारिश हुई.  

31 जुलाई से 2 अगस्त तक और बढ़ सकती है बारिश

बारिश का यह दौर 30 जुलाई तक सीमित नहीं रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दिनों में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा. 31 जुलाई और 1 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. 2 अगस्त को भी इन संभागों में अनेक स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है. 

दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में लगातार तेज बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान अंडरपास और सड़कों पर पानी भरने के साथ यातायात प्रभावित होने का खतरा भी रहेगा. मौसम विभाग ने नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.