Rajasthan Monsoon Update: राजस्थान में मानसून ने एंट्री तो पूरे दम-खम के साथ की थी और राज्य के सभी हिस्सों को कवर भी कर लिया था लेकिन अब यह थोड़ा सुस्त पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी हो गई है. 11 जुलाई 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने वाली है, जिससे लोगों को एक बार फिर उमस और तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
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हालांकि, उत्तर प्रदेश की तरफ से आ रहे एक लो प्रेशर सिस्टम की वजह से उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में राहत की बौछारें पड़ने की उम्मीद अभी भी बनी हुई है. आइए जानते हैं कि 11 जुलाई को राजस्थान के अलग-अलग जिलों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है.
उत्तर-पूर्वी राजस्थान
राजस्थान के उत्तर-पूर्वी इलाकों में फिलहाल मानसून का असर बना रहेगा. उत्तर प्रदेश के पास बने सिस्टम के चलते जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का एक अच्छा स्पेल देखने को मिल सकता है. तेज बारिश और आंधी की संभावना वाले जिले हैं, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर और दौसा.
इन जिलों के कुछ सीमित इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने के पूरे आसार हैं.
उत्तरी राजस्थान
उत्तरी राजस्थान के जिलों में 11 जुलाई को मौसम का मिलाजुला रूप देखने को मिलेगा. श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़, इन दोनों जिलों में हल्के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ सीमित जगहों पर हल्की बूंदाबांदी या बौछारें पड़ सकती हैं.
बीकानेर, अनूपगढ़ और चूरू, इन इलाकों में बारिश की उम्मीद बेहद कम है. यहां दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने से उमस और गर्मी काफी बढ़ जाएगी. बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों में तेज धूल भरी आंधी (धूलभरे अंधड़) चलने की भी आशंका जताई गई है.
मध्य राजस्थान
अगर बात करें अजमेर संभाग और आस-पास के मध्य राजस्थान की, तो यहां अगले 24 से 48 घंटों में बारिश की गतिविधियों में भारी कमी आने वाली है.
प्रभावित जिले: नागौर, डीडवाना-कुचामन, ब्यावर, अजमेर, दूदू, केकड़ी और जोधपुर का पूर्वी भाग.
इन जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा. तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के चलने से उमस बढ़ेगी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आस-पास तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को तीखी गर्मी का अहसास होगा.
पश्चिमी राजस्थान
पश्चिमी राजस्थान के किसानों और आम जनता के लिए चिंता थोड़ी बढ़ गई है. मानसून के सुस्त पड़ने से इस क्षेत्र के कई जिलों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार और कपास जैसी खरीफ फसलों को नुकसान होने की आशंका है.
प्रभावित जिले: जैसलमेर, फलौदी, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर और सांचौर.
11 जुलाई को इन इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा. अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के कारण उमस का ग्राफ ऊपर जाएगा. जैसलमेर और बाड़मेर के कुछ क्षेत्रों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चलने की संभावना है.
दक्षिणी और दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान
दक्षिणी और हाड़ौती संभाग में भी भारी बारिश का दौर फिलहाल थम गया है.
उदयपुर और कोटा संभाग: उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और प्रतापगढ़ में अरब सागर की तरफ से आने वाले बादलों की वजह से कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. हालांकि, ज्यादातर इलाकों में तेज गर्मी के साथ उमस का ही प्रभाव रहेगा.
हाड़ौती अंचल में भी अच्छी बारिश न होने से किसान भाई चिंतित हैं, क्योंकि यहां सोयाबीन, उड़द और तिल की बुवाई प्रभावित हो रही है.
15 जुलाई से फिर एक्टिव होगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान के लोगों को इस उमस और गर्मी से ज्यादा दिनों तक परेशान नहीं होना पड़ेगा. 15 जुलाई के आस-पास बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम (नया मौसमी सिस्टम) बनने जा रहा है. इस नए सिस्टम के असर से देश भर में और विशेषकर राजस्थान में मानसून एक बार फिर से पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि 15 और 16 जुलाई से मध्य और पश्चिमी राजस्थान सहित पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर फिर से शुरू होगा.
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