Rajasthan Rain alert: राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. जहां एक ओर प्रदेश के कई जिले भीषण गर्मी और हीट वेव (लू) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर आने वाले 24 घंटों में कुछ इलाकों में मेघगर्जन और आंधी के साथ हल्की राहत मिलने की भी उम्मीद है.
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प्रदेश में गर्मी का सितम: फलोदी सबसे गर्म
पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाए हैं. प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान फलोदी में 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसी तरह जैसलमेर और वनस्थली में भी पारा 46.1 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है. अन्य प्रमुख जिलों के तापमान पर नजर डालें तो चित्तौड़गढ़ में 45.8 डिग्री, बाड़मेर और बीकानेर में 45.2 डिग्री, और राजधानी जयपुर में 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है.
15 मई का मौसम पूर्वानुमान: आंधी और हल्की बारिश के संकेत
मौसम विभाग(IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 15 मई को राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल सकता है. एक तरफ बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में तीव्र heat wave (भीषण लू) की चेतावनी जारी की गई है. वहीं दूसरी तरफ, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है.
आगामी दिनों का हाल: तापमान में मामूली गिरावट और फिर बढ़ेगी तपिश
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे भीषण गर्मी से हल्की राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी. 17 मई से एक बार फिर तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी और पश्चिमी राजस्थान में तीव्र हीट वेव का नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है.
प्रमुख जिलों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में):
- फलोदी: 46.8
- जैसलमेर: 46.1
- वनस्थली: 46.1
- चित्तौड़गढ़: 45.8
- बाड़मेर: 45.2
- बीकानेर: 45.2
- कोटा: 44.8
- जोधपुर: 44.7
- श्रीगंगानगर: 44.4
- जयपुर: 43.8
- अजमेर: 43.1
- भीलवाड़ा: 43.0
- सीकर: 42.0
- पिलानी: 41.9
- चूरू: 40.2
बचाव के लिए विशेष सलाह
भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मौसम केंद्र जयपुर ने आम जन को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी, लस्सी या नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें. किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों में सुबह या शाम के समय नियमित सिंचाई करें ताकि हीट स्ट्रेस से बचाव हो सके.
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