राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने लगा है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ रहे मानसून के असर से राज्य में आंधी, बारिश और वज्रपात की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं. विशेष रूप से 25 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. अच्छी बात यह है कि पिछले 24 घंटों में राज्य में कहीं भी हीटवेव दर्ज नहीं की गई है, जिससे तपती गर्मी से राहत मिली है.
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25 जून को कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 जून को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ भागों में मौसम खराब रह सकता है. इस दौरान इन इलाकों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली चमकने (वज्रपात) और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं. पश्चिमी राजस्थान के जिलों में 24 और 25 जून को कहीं-कहीं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है. इसके उलट, दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है. राहत की यह फुहारें 27 जून तक इसी तरह अलग-अलग संभागों में एक्टिव रहेंगी.
तिजारा में सबसे ज्यादा बरसे बदरा
बीते 24 घंटों में राज्य में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है. इस दौरान अलवर के तिजारा में सबसे ज्यादा 35.0 मिलीमीटर (3 सेंटीमीटर) बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा झुंझुनूं के उदयपुर-वाटी में 3 सेंटीमीटर, बूंदी के तालेरा में 3 सेंटीमीटर, झुंझुनूं के ही खेतड़ी, चिड़ावा, झुंझुनूं शहर व अलवर के किशनगढ़वास, कठूमर में 2-2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. चूरू के रतनगढ़ और सरदारशहर में भी 2-2 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिसने स्थानीय लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत दी है.
किस जिले में कितना रहा तापमान?
राज्य के अलग-अलग जिलों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर में रिकॉर्ड किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान सिरोही में 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.
मानसून को लेकर क्या है बड़ा अपडेट?
राजस्थान के किसानों और आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले 48 घंटों में फिर से सक्रिय होकर आगे बढ़ा है. वर्तमान में मानसून की उत्तरी रेखा महाराष्ट्र (मुंबई सहित), छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार राज्यों से होकर गुजर रही है.
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 5 से 7 दिनों के भीतर मानसून के और अधिक सक्रिय होने तथा देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं. इसके प्रभाव से जून के आखिरी दिनों में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में अच्छी बढ़ोतरी होगी, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह में राजस्थान के कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है.
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