राजस्थान में एक बार फिर मौसम करवट ले रहा है. एक सक्रिय और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, जिसका असर 30 मार्च को भी राज्य के कई संभागों में देखने को मिलेगा.
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30 मार्च को कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 28 और 29 मार्च से शुरू हुआ यह नया सिस्टम 30 मार्च को भी सक्रिय रहेगा. इस दौरान राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में प्री-मानसून की गतिविधियां अपने चरम पर हो सकती हैं. 30 मार्च को विशेष रूप से बीकानेर, जोधपुर और जयपुर संभाग के जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. कई इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है.
इन जिलों में ओलावृष्टि का खतरा
मौसम विभाग ने सीमावर्ती जिलों जैसे जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. यहाँ 29 मार्च की रात से शुरू हुआ सिलसिला 30 मार्च की सुबह तक जारी रह सकता है, जिसमें बारिश के साथ ओले गिरने की भी प्रबल आशंका है. इसके अलावा बीकानेर, अनूपगढ़ और चूरू के सटे इलाकों में मेघ गर्जन के साथ बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं.
किसानों की बढ़ी चिंता
फसलों की कटाई के इस सीजन में मौसम का यह मिजाज किसानों के लिए आफत बन सकता है. विशेष रूप से जीरा और ईसबगोल की फसल काट रहे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है. तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खलिहानों में रखी फसल खराब हो सकती है. कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें.
अन्य संभागों का हाल
30 मार्च को अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. हालांकि यहाँ पश्चिमी राजस्थान की तुलना में बारिश की तीव्रता कम रहेगी, फिर भी धूल भरी हवाएं और छिटपुट बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी.
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