राजस्थान में मानसून पूरी तरह मेहरबान है. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों का डेरा है और बारिश का दौर लगातार जारी है. मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, 5 जुलाई को भी राज्य के बड़े हिस्से में झमाझम बारिश देखने को मिलेगी. विशेषकर दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में मौसम विभाग ने भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके साथ ही, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं, हालांकि यहाँ कुछ ही जगहों पर पानी बरसेगा.
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अगले 24 घंटे इन संभागों में रहेगी हलचल
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है. राहत की बात यह है कि मरुस्थल के जिलों (जोधपुर और बीकानेर संभाग) में भी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है.
इन जिलों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 5 से 6 दिनों तक प्रदेश में मानसून पूरी तरह एक्टिव मोड में रहेगा. रविवार को जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.
यहां होगी अत्यधिक भारी बारिश: बांसवाड़ा, डूंगरपुर और झालावाड़ जिलों में बहुत तेज बारिश का अलर्ट है.
यहां भारी बारिश के आसार: भीलवाड़ा, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, करौली, अलवर और अजमेर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है.
तेज आंधी और बिजली का अलर्ट: जयपुर, दौसा, भरतपुर, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं और खैरथल-तिजारा में तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने की आशंका है.
पिछले 24 घंटों का हाल
पिछले 24 घंटों के दौरान भी दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और सिरोही में अच्छी प्रोग्रेस देखी गई. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में सबसे ज्यादा 8 सेंटीमीटर पानी बरसा. बालोतरा, सिवाना, भीनमाल और जोधपुर के कुछ इलाकों से भी अच्छी बारिश की खबरें आईं.
आम जनता और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए जरूरी हिदायत जारी की है. निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भरने की पूरी आशंका है, इसलिए जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें. बरसाती नदी-नालों में अचानक उफान आ सकता है, लिहाजा उनसे सुरक्षित दूरी बनाकर रखें. खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों. इसके अलावा, किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें ताकि नुकसान से बचा जा सके.
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