राजस्थान में आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में लू (Heal Wave) जैसी स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक राजस्थान के अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहेगा और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. 25 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक प्रदेश के कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है.
ADVERTISEMENT
25 अप्रैल को कैसा रहेगा मिजाज?
कल यानी 25 अप्रैल को राजस्थान के कई जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा. दिन के समय बांसवाड़ा, बाड़मेर, बीकानेर, धौलपुर, झालावाड़, जोधपुर, बालोतरा, फलौदी, साचौर और बारा में सबसे ज्यादा तापमान रहने वाला है. यहाँ अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. रात के समय भी राहत की उम्मीद कम है, जहां अजमेर, जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में पारा 28 डिग्री तक बना रहेगा. राहत की बात यह है कि हवा की गति सामान्य रहेगी और आंधी या बारिश की कोई संभावना नहीं है.
तापमान में बढ़ोतरी और हीट वेव का अलर्ट
26 और 27 अप्रैल को गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है.
- 26 अप्रैल: बांसवाड़ा, बाड़मेर, डूंगरपुर और जैसलमेर जैसे जिलों में दिन का तापमान 44 डिग्री तक जा सकता है. रात का तापमान भी कई जगह 30 डिग्री को छू लेगा.
- 27 अप्रैल: बारा, कोटा, झालावाड़ और नागौर में भी पारा 44 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. इस दिन डीडवाना और दूदू में हवा की रफ्तार सामान्य से थोड़ी अधिक रह सकती है.
बारिश की क्या है संभावना?
पूरे हफ्ते राजस्थान में बारिश के आसार न के बराबर हैं. 27 अप्रैल को चूरू में और 28 अप्रैल को नीमकाथाना में बहुत ही हल्की छिटपुट बूंदाबांदी या बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है. इसके अलावा बाकी सभी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ रहेगा. बिजली गिरने या वज्रपात की भी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.
जालौर में तेज हवाओं की चेतावनी
29 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में हवा की गति सामान्य से ज्यादा रहेगी. विशेष रूप से जालौर में हवाएं बहुत तेज चल सकती हैं, जिसके लिए विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है. इसके अलावा बाड़मेर, नागौर और श्रीगंगानगर में भी हवाओं का असर दिखेगा.
बचाव के उपाय
बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है. पशुपालकों और किसानों को भी अपनी फसलों और मवेशियों को लू से बचाने के पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है.
ADVERTISEMENT


