राजस्थान का मौसम हमेशा से ही अचरज से भरा रहता है, और इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. जहां प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोग उमस और तेज धूप से बेहाल हैं, वहीं कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही ने मौसम को थोड़ा कूल-कूल बना दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) जयपुर केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 23 जून 2026 को राजस्थान के अलग-अलग जिलों में मौसम के कई रंग देखने को मिलने वाले हैं.
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर से आ रही ठंडी हवाओं और स्थानीय वेदर सिस्टम (लोकल दबाव) के कारण राज्य के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में अभी भी शुष्क मौसम और तपन का असर रहेगा. आइए बिना किसी तकनीकी उलझन के, बिल्कुल आसान और बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि आज आपके जिले में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है.
यहां बरसेगी राहत
अगर आप मेवाड़, हाड़ौती या ढूंढाहड़ क्षेत्र के जिलों में रहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. आईएमडी राजस्थान के अनुसार, इन इलाकों में मानसून पूर्व (Pre-Monsoon) की गतिविधियां तेजी पर हैं. उदयपुर, कोटा और बांसवाड़ा संभाग: उदयपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में 23 जून को मौसम काफी सुहावना रहने की उम्मीद है. इन जिलों में दोपहर के बाद आसमान में घने बादल छा सकते हैं और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग: राजधानी जयपुर, दौसा, अलवर, सीकर, झुंझुनूं, अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, भरतपुर और धौलपुर जैसे जिलों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. मौसम विभाग ने इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने और कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई है. इससे दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है.
यहां अभी रहेगी तपन
पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में जहां बादलों का डेरा है, वहीं मरुधरा के पश्चिमी हिस्से के लोगों को गर्मी से पूरी राहत के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा.
जोधपुर और बीकानेर संभाग: जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में 23 जून को मुख्य रूप से मौसम शुष्क (Dry Weather) रहेगा. हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर से शाम के समय इन जिलों में भी तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिससे हवा में धूल का गुबार दिख सकता है.
तापमान का मीटर: इन पश्चिमी जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. दोपहर के समय तेज धूप के कारण उमस और गर्मी परेशान करेगी, इसलिए दोपहर में बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचें.
क्या करें और क्या न करें?
आईएमडी के मुताबिक, राज्य में हवाएं मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिमी दिशा से चल रही हैं, जो अपने साथ नमी लेकर आ रही हैं. इसी नमी के कारण जहां धूप पड़ेगी, वहां भारी उमस (Humidity) महसूस होगी. जिन जिलों में बारिश के आसार हैं, वहां पानी बरसने से पहले भारी उमस हो सकती है. ऐसे में पसीना ज्यादा निकलेगा. शरीर में पानी की कमी न होने दें, नीबू पानी, ओआरएस या छाछ का सेवन करते रहें.
मौसम विभाग ने आंधी और बिजली कड़कने (Lightning) का येलो अलर्ट दिया है. जब भी आसमान में बिजली कड़के, तो लोहे के खंभों, ऊंचे पेड़ों या खुले मैदानों से दूर हट जाएं और पक्के मकान की शरण लें. जिन इलाकों में कटी हुई फसलें या अनाज मंडियों में खुले में रखा है, उसे सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें, क्योंकि अचानक आने वाली तेज आंधी और बौछारें नुकसान पहुंचा सकती हैं.
मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के आखिरी हफ्ते में मानसून राजस्थान के दक्षिणी छोर (बांसवाड़ा-झालावाड़ के रास्ते) से राज्य में प्रवेश कर सकता है. इसके बाद पश्चिमी राजस्थान के जिलों को भी इस झुलसाने वाली गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी. तब तक पल-पल बदलते इस मौसम में सुरक्षित रहें और सतर्क रहें.
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