राजस्थान में आंधी-बारिश का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है. एक तरफ बारिश के कारण गर्मी से राहत मिल रही है वहीं खेतों में पककर तैयार फसलों के लिए ये किसी बड़ी आफत से कम नहीं है. पिछले 24 घंटों में राज्य के कई भागों में आंधी-बारिश दर्ज की गई है.
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पूर्वी राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश 34 मिमी कोटा के लाडपुरा में दर्ज हुआ है. पश्चिमी राजस्थान के नागौर जिले के मूंडवा 24 मिमी दर्ज की गई है. 31 मार्च यानी मंगलवार को गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू जिले और शेखावाटी क्षेत्र में जयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी (30-40Kmph) के साथ बारिश की संभावना है.
आज उदयपुर, कोटा में होगी बारिश
1 अप्रैल को उदयपुर, कोटा संभाग में छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. वहीं बाकी भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. 2 अप्रैल को रात के समय जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी जिलों व आसपास के क्षेत्र में आंधी बारिश की गतिविधियां दर्ज होने की संभावना है.
अप्रैल के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का अटैक
अप्रैल के पहले सप्ताह में बैक टू बैक पश्चिमी विक्षोभ राज्य के ऊपर सक्रिय होने की संभावना है. अगला मजबूत पश्चिमी विक्षोभ 3-4 अप्रैल को राज्य के कुछ भागों में सक्रिय होने की प्रबल संभावना है. 3-4 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ आंधी-बारिश होने की प्रबल संभावना है.
किसानों के लिए अलर्ट
आगामी सप्ताह में मौसम की हालात पर नजर डालें तो किसानों अलर्ट रहना होगा. मौसम विभाग के मुताबिक खुले आसमान में पक कर तैयार फसलों, कृषि मंडियों व धान मंडियों में खुले में रखे हुए अनाज व जिंसो को किसान ढककर रखें. संभव हो तो सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें ताकि तैयार अनाज को भीगने से बचाया जा सके.
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