राजस्थान में NEET पेपर लीक मामले को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा भजनलाल सरकार और केंद्र की मोदी सरकार को घेरे जाने पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने करारा जवाब दिया है. राठौड़ ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि डोटासरा जी शायद अपनी सरकार का वह दौर भूल गए हैं, जब उनकी सरपरस्ती में सीकर के कोचिंग सेंटरों से 'गारंटेड बैच' निकला करते थे.
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'राजस्थान SOG को धन्यवाद देने के बजाय राजनीति कर रही कांग्रेस'
राजेंद्र राठौड़ ने स्पष्ट किया कि NEET परीक्षा का पेपर राजस्थान से नहीं, बल्कि नासिक से लीक हुआ था, जो पुणे और गुरुग्राम होते हुए राजस्थान तक पहुंचा. उन्होंने कहा कि इस पूरे नेक्सस को क्रैक करने का काम राजस्थान पुलिस की एसओजी (SOG) ने किया है. आज सीबीआई (CBI) भी उसी लाइन पर जांच को आगे बढ़ा रही है, जो एसओजी ने शुरू की थी.
ऐसे में एसओजी की सराहना करने के बजाय कांग्रेस इस पर संकुचित राजनीति कर रही है. राठौड़ ने कहा कि देश के शिक्षा मंत्री ने सुधारात्मक कदम उठाते हुए न केवल परीक्षा की नई तिथि घोषित कर दी है, बल्कि भविष्य में इसे पूरी तरह ऑनलाइन कराने का भी ऐलान किया है.
अशोक गहलोत के बयान को बताया गैर-जिम्मेदाराना
इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा ईंधन की कीमतों और आर्थिक मुद्दों पर दिए गए बयान को राठौड़ ने 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया. उन्होंने कहा कि इस समय अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने से वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल का संकट गहरा गया है. ऐसे में देश के प्रधानमंत्री जब पेट्रोलियम पदार्थों की कम खपत और कार-पूलिंग जैसी अपील कर रहे हैं, तब गहलोत को राजनीतिक चश्मा हटाकर राष्ट्रहित की बात करनी चाहिए. राठौड़ ने याद दिलाया कि गहलोत सरकार के समय ही राजस्थान में देश का सर्वाधिक 26.4% वैट (VAT) पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर वसूला जा रहा था.
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