सवाई माधोपुर. राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. भारी बारिश के चलते विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के जल स्रोतों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है. इस जलभराव के बीच जंगल से बहकर पांच खूंखार मगरमच्छ इंसानी आबादी और मुख्य राजमार्ग तक जा पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
ADVERTISEMENT
रात के अंधेरे में सड़क पर दिखे मगरमच्छ
घटना कुंडेरा से सवाई माधोपुर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग स्थित शेरपुर गांव के पास झरेटी रपट की है. रणथंभौर के मिश्रदर्रा, अटल सागर और आड़ा बालाजी जलाशयों से आने वाला अतिरिक्त पानी झरेटी नाले में उफान पर था. इसी तेज बहाव के साथ मगरमच्छ भी बहकर बाहर आ गए. जैसे ही बारिश थमी और जलस्तर थोड़ा नीचे उतरा, रात के समय पांच मगरमच्छ अचानक मुख्य सड़क पर दिखाई दिए.
थम गए वाहनों के पहिए
सड़क के बीचों-बीच मगरमच्छों को टहलता देख वहां से गुजर रहे वाहन चालकों के हाथ-पांव फूल गए. चालकों ने तुरंत गाड़ियों के ब्रेक लगा दिए. देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई. चार मगरमच्छ पानी के बहाव के बीच से सड़क पार करते नजर आए, जबकि एक मगरमच्छ काफी देर तक मुख्य रास्ते पर आराम से घूमता रहा. राहगीरों ने किसी तरह का जोखिम न लेते हुए दूर से ही उनके हटने का इंतजार किया.
ग्रामीणों में डर का माहौल, सुरक्षा की मांग
इस घटना के बाद से शेरपुर और आसपास के गांवों में खौफ का माहौल बना हुआ है. लोग शाम ढलते ही नालों और मुख्य रास्तों की तरफ जाने से कतरा रहे हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि रणथंभौर अपने बाघों के अलावा मगरमच्छों के लिए भी जाना जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में इनका आबादी क्षेत्र में आना बेहद खतरनाक है. ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में तुरंत गश्त बढ़ाई जाए और लोगों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं.
ADVERTISEMENT


