Pinki Meena RAS Transfer: राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों से ठीक पहले प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. कार्मिक विभाग ने 183 RAS अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की है. इस ट्रांसफर लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा चर्चित RAS अधिकारी पिंकी मीणा की हो रही है, जिन्हें एक बार फिर दौसा जिले में सहायक कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है.
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2 महीने में ही सवाई माधोपुर से दौसा हुआ तबादला
पिंकी मीणा की दौसा वापसी को काफी अहम माना जा रहा है. इसी साल जून में लंबे निलंबन के बाद उन्हें सवाई माधोपुर में प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग में सहायक निदेशक की जिम्मेदारी दी गई थी. अब महज दो महीने के भीतर ही उनका तबादला कर दौसा भेज दिया गया है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.
2021 के रिश्वत प्रकरण से आई थीं सुर्खियों में
पिंकी मीणा का नाम 2021 में बांदीकुई एसडीएम रहते हुए सुर्खियों में आया था, जब उन्हें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण से जुड़े एक मामले में 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी (ACB) ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें 15 जनवरी 2021 को निलंबित कर दिया गया था. निलंबन के दौरान ही उनकी शादी की अंतरिम जमानत और बाद में राजस्थान न्यायिक सेवा के अधिकारी से विवाह को लेकर भी काफी चर्चा रही थी.
हाईकोर्ट से राहत के बाद मिली नई जिम्मेदारी
करीब 5 साल तक निलंबित रहने के बाद मई 2026 में राजस्थान हाई कोर्ट ने पिंकी मीणा के निलंबन पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें राहत दी थी. इसके बाद जून में पहली पोस्टिंग सवाई माधोपुर में मिली थी. अब जिस जिले में रिश्वत प्रकरण के बाद वे सुर्खियों में आई थीं, उसी दौसा जिले में उन्हें सहायक कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है, लेकिन उनकी इस पोस्टिंग ने तबादला सूची में सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है.
कौन हैं पिंकी मीणा?
RAS पिंकी मीणा राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की 2017 बैच की अधिकारी हैं. वह जयपुर जिले के चितवाड़ी गांव की रहने वाली हैं. जनवरी 2021 में वाे दौसा के बांदीकुई में SDM के पद पर तैनात थीं. इसी दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में ACB ने उन्हें गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया और करीब साढ़े पांच साल तक वह निलंबन में रहीं.
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