Exclusive: किस पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे छात्रनेता रविंद्रसिंह भाटी, सुनिए उनका जवाब

दिनेश बोहरा

• 02:52 AM • 05 Jan 2023

Rajasthan Tak Exclusive: पश्चिमी राजस्थान की छात्र राजनीति में सक्रिय रहे छात्रनेता रविंद्रसिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) 2023 विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट चुके है. राजस्थान तक से खास बातचीत करते हुए रविंद्रसिंह भाटी ने विधानसभा चुनाव लड़ने की बड़े संकेत दिए है. भाटी ने कहा कि जनता मेरे लिए सर्वोपरि है, जिस […]

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Rajasthan Tak Exclusive: पश्चिमी राजस्थान की छात्र राजनीति में सक्रिय रहे छात्रनेता रविंद्रसिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) 2023 विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट चुके है. राजस्थान तक से खास बातचीत करते हुए रविंद्रसिंह भाटी ने विधानसभा चुनाव लड़ने की बड़े संकेत दिए है. भाटी ने कहा कि जनता मेरे लिए सर्वोपरि है, जिस पार्टी से जनता चाहेगी, उस पार्टी पर मैं विचार करूंगा. दरसअल, छात्रनेता रविंद्रसिंह भाटी 12 जनवरी को अपने विधानसभा क्षेत्र शिव में युवा दिवस के मौके पर रन फॉर रेगिस्तान मैराथन का आयोजन कर रहे है. इस मैराथन में दौड़ लगाने के लिए अब तक 7 हजार युवा रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. भाटी का दावा है कि इस मैराथन में 10 हजार से अधिक युवा भाग लेंगे.

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शक्ति प्रदर्शन की अटकले तेज
रविंद्रसिंह भाटी कहना है कि यह मैराथन पूरी तरह से नॉन पॉलिटिकल है. इसमें प्रत्येक पार्टी के जनप्रतिनिधियों को न्यौता दिया गया है. लेकिन इतने बड़े कार्यक्रम को लेकर अब यह अटकले तेज हो गई है कि भाटी विधानसभा चुनाव लड़ने की चाह में अपना वोट बैंक और धरातल तलाश रहे हैं. वहीं दूसरी ओर कई राजनीतिज्ञ इसे भाटी का शक्ति प्रदर्शन भी मान रहे हैं.

पार्टी के सवाल पर गोलमाल जवाब
रविंद्रसिंह भाटी से राजस्थान तक ने कई सवाल पूछे. बीजेपी-कांग्रेस से चुनाव लड़ने के सवालों पर भाटी गोलमाल जवाब देते नजर आए. हालांकि, अंत में यह जरूर कहा कि अभी चुनाव में बहुत वक्त है. चुनाव नजदीक आ जाएंगे तब इसका फैसला लूंगा. कांग्रेस-बीजेपी या आरएलपी किस पार्टी से बातचीत चल रही है. इन सवालों पर भाटी बार-बार गोलमाल जवाब देते नजर आए.

कौन है रविंद्रसिंह भाटी
रविंद्रसिंह भाटी बाड़मेर जिले के हरसाणी के पास के एक गांव के निवासी है. जो कि पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर कॉलेज से 55 साल बाद बतौर निर्दलीय अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बाद सुर्खियों में आए थे. अध्यक्ष बनने के बाद भाटी छात्रों के मुद्दे पर कभी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर से भिड़ जाते थे तो कभी यूनिवर्सिटी की जमीन की मांग को लेकर गहलोत सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ दिया था. इसके अलावा भी भाटी का नाम कई मुद्दों के चलते राजस्थान के फायरब्रांड युवा नेताओं में शुमार है. कोराना की वजह से वह लगातार 3 साल तक जेएनवीयू के अध्यक्ष रहे. अब भाटी 2023 विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी के लिए जुगाड़ बिठाते नजर आ रहे हैं.