Ravindra Singh Bhati News: राजस्थान के बाड़मेर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया. इसके बाद उन्होंने आत्मदाह करने का प्रयास किया. भाटी जैसे ही खुद को आग लगाने वाले थे तभी मौके पर मौजूद एक युवक और मुस्तैद पुलिस अधिकारियों ने उनके हाथ से माचिस छीन ली. इसके बाद उन्हें चारों तरफ से घेरकर मजबूती से पकड़ लिया. विधायक भाटी के इस कदम के बाद पुलिस महकमे और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है.
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दरअसल, बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के गिरल गांव में पिछले 40 दिनों से स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों का धरना प्रदर्शन चल रहा था. आज मंगलवार को इस आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया जब विधायक रविंद्र सिंह भाटी सैकड़ों गाड़ियों के काफिले और भारी संख्या में मजदूरों के साथ कलेक्ट्रेट कूच के लिए निकले. पुलिस और प्रशासन ने बाड़मेर शहर के बीएसएफ गेट के पास ही मजदूरों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग कर दी.
भाटी ने पुलिस की कार्रवाई का किया विरोध
प्रशासन द्वारा रोके जाने के बाद विधायक भाटी कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए और पैदल आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस के बल प्रयोग को देखकर भाटी बुरी तरह भड़क गए. वीडियो फुटेज में विधायक भाटी पुलिस प्रशासन पर चिल्लाते और आक्रोश व्यक्त करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा, "यह सरासर दादागिरी है! गरीब मजदूरों पर लाठियां क्यों चलाई जा रही हैं? सरकार और प्रशासन इन बेकसूर मजदूरों की आवाज को लाठी के दम पर दबाना चाहता है. यह मजदूर अपने हक की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरे हैं और अब यह रुकने वाले नहीं हैं."
जानिए क्या है पूरा विवाद?
इस पूरे विवाद की जड़ गिरल गांव में राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMM) द्वारा किया जा रहा लिग्नाइट खनन कार्य है. स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने सालों पहले जब उनकी कीमती जमीनें ली थीं, तब बड़े-बड़े सुनहरे सपने दिखाए थे. कई स्थानीय लोगों को शुरुआत में ड्राइवर और मजदूर की नौकरी भी दी गई. लेकिन करीब डेढ़ महीने पहले कंपनी ने अचानक स्थानीय लोगों को नौकरी से निकाल दिया और उनका रोजगार छीन लिया.
इस तानाशाही के खिलाफ स्थानीय लोग पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे थे और पिछले 14 दिनों से खुद विधायक रविंद्र सिंह भाटी दिन-रात इन मजदूरों के साथ धरने पर डटे हुए थे. जब कंपनी ने मांगों को मानने से साफ इनकार कर दिया तो आज इस महापड़ाव का आह्वान किया गया था.
भाटी की दो टूक कही ये बात
आत्मदाह के इस खौफनाक प्रयास के बाद पुलिस ने स्थिति को संभाला और धरनार्थियों को कलेक्ट्रेट परिसर से थोड़ा दूर खदेड़ा. इसके बाद प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी को जिला कलेक्टर से वार्ता के लिए अंदर भेजा. कलेक्टर से बातचीत करने जाने से पहले भाटी ने हुंकार भरते हुए अपने भाषण में साफ कहा, "अगर कंपनी हमारे स्थानीय लोगों की मांगें नहीं मानती है तो मुझे अपने लोगों के हक के लिए अगर अपना सिर भी देना पड़ा तो भी मैं अपने पांव पीछे नहीं खींचूंगा." फिलहाल बाड़मेर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात है.
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