माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) द्वारा घोषित 12वीं के परीक्षा परिणामों में डीडवाना की बेटी दीपिका राकावत ने प्रदेश भर में परचम लहराया है. एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली दीपिका ने 99.80% अंक हासिल कर टॉप रैंक प्राप्त की है. दीपिका की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे मारवाड़ क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है. आइए विस्तार से जानते हैं दीपिका के सफलता का राज.
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इंग्लिश को छोड़कर सभी विषयों में 100/100
दीपिका का स्कोरकार्ड किसी को भी हैरान कर सकता है. उन्होंने बताया कि केवल इंग्लिश विषय में उनका एक नंबर कटा (99 अंक), जबकि बाकी सभी विषयों में उन्होंने 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं. दीपिका ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है.
सफलता का मंत्र: सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई
अपनी पढ़ाई के रूटीन के बारे में बात करते हुए दीपिका ने बताया कि वे स्कूल के अलावा रोजाना 8 से 10 घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं. उनका मानना है कि देर रात तक जागने के बजाय सुबह 4 बजे उठकर पढ़ना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि उस समय दिमाग एकदम फ्रेश रहता है. सोशल मीडिया के दौर में भी दीपिका ने खुद को मोबाइल से दूर रखा और केवल पढ़ाई के लिए ही इसका सीमित उपयोग किया.
फोटोग्राफर पिता और संघर्ष की कहानी
दीपिका के पिता रामस्वरूप राकावत पेशे से एक फोटोग्राफर हैं. उन्होंने बताया कि जब उन्हें शिक्षा मंत्री का बधाई संदेश आया, तो पूरा परिवार खुशी के मारे भावुक हो गया. रामस्वरूप जी की तीन बेटियां हैं और उन्हें अपनी बेटियों पर गर्व है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी बेटा-बेटी में फर्क नहीं किया और अपनी पूंजी का कतरा-कतरा लगाकर बेटियों को पढ़ाएंगे.
भविष्य का सपना: बनना चाहती हैं IAS
12वीं में टॉप करने के बाद अब दीपिका का अगला लक्ष्य सिविल सेवा में जाना है. वे ग्रेजुएशन के साथ-साथ अभी से यूपीएससी (UPSC) की तैयारी शुरू करना चाहती हैं. उनका सपना एक ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करना है. दीपिका की यह कहानी उन हज़ारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें सच करने का जज्बा रखते हैं.
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