Rajasthan Cricket Association Election: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी RCA के चुनाव में 29 सितंबर को मतदान होना था. तय कार्यक्रम के अनुसार वोटिंग के बाद उसी दिन मतगणना और नतीजों की घोषणा की जानी थी. RCA मुख्यालय में मतदान की प्रक्रिया चल रही थी. जिला क्रिकेट संघों से जुड़े अधिकारी वोट डाल रहे थे. इस प्रक्रिया में दो क्रिकेटर और पूर्व क्रिकेटर भी शामिल थे. कुल 38 वोट होने की बात कही गई है और मतदान के दौरान कुछ वोट अभी बाकी थे. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट का आदेश सामने आया. इस आदेश के बाद चुनाव के नतीजों की घोषणा पर रोक लग गई. अब मतदान पूरा होने के बाद वोटों की गिनती होगी. परिणाम भी तैयार किया जाएगा, लेकिन उसे घोषित नहीं किया जाएगा. तैयार नतीजे को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाएगा.
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तीन नए जिला क्रिकेट संघों को लेकर विवाद
RCA के चुनाव में विवाद की मुख्य वजह मतदाता सूची में तीन नए जिला क्रिकेट संघों को शामिल किया जाना है. इनमें खैरथल-तिजारा, बालोतरा और डीडवाना-कुचामन शामिल हैं. इन तीन जिलों को मतदाता सूची में जोड़ने के बाद RCA की चुनावी सूची में जिलों की संख्या 33 से बढ़कर 36 हो गई. याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया है कि इन जिला क्रिकेट संघों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया. इसी विवाद को लेकर सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष डीडी कुमावत और मेघा गौड़ की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. RCA की अंतिम मतदाता सूची में इन तीनों नए जिला संघों को शामिल किया गया था. हालांकि, जिन तीन जिलों को लेकर आपत्ति थी, उनके अधिकारियों ने मतदान नहीं किया.
वोट लिए जाएंगे, लेकिन नतीजे फिलहाल सीलबंद रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक बालोतरा, खैरथल-तिजारा और डीडवाना-कुचामन के जिला संघों को मतदाता सूची में शामिल किए जाने के मामले में उनके वोट लिए जाएंगे. हालांकि, जब तक सुप्रीम कोर्ट में इन तीनों जिलों से जुड़ा मामला अंतिम रूप से तय नहीं हो जाता, तब तक वोटों की गिनती स्थगित रहेगी. स्क्रिप्ट में बताया गया है कि अगर सब कुछ सही रहा तो आगे गिनती होगी. वहीं अगर स्थिति सही नहीं रही तो चुनाव दोबारा कराए जाएंगे. फिलहाल चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. मतपत्रों की गिनती होगी और परिणाम भी तैयार होगा, लेकिन उसकी घोषणा नहीं की जाएगी. इस तरह वोट डालने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी चुनाव का नतीजा सार्वजनिक नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता को यह आदेश तुरंत RCA प्रशासक तक पहुंचाने का निर्देश दिया है.
डीडी कुमावत की याचिका से जुड़ा है मामला
सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष डीडी कुमावत ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. कुमावत को साल 2016 में RCA की तदर्थ समिति यानी एडहॉक कमेटी का संयोजक बनाया गया था. इसी मामले में डीडी कुमावत और मेघा गौड़ की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ताओं की ओर से तीन नए जिला क्रिकेट संघों को मतदाता सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए. आरोप लगाया गया कि इन संघों को शामिल करते समय नियमों का पालन नहीं किया गया. इस मामले में सिर्फ तीन नए जिलों का मुद्दा ही नहीं है. महिला प्रतिनिधित्व और चुनाव संचालन से जुड़े नियम संख्या 11 के उल्लंघन जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं. RCA की अंतिम मतदाता सूची में तीनों नए जिला संघ शामिल थे. इसके अलावा पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर गगन खोड़ा और पंकज सिंह को खिलाड़ी प्रतिनिधि के तौर पर मतदान का अधिकार दिया गया था.
RCA में छह महत्वपूर्ण पदों के लिए हुआ मतदान
29 सितंबर को RCA के छह महत्वपूर्ण पदों के लिए मतदान होना था. इनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और एक कार्यकारी सदस्य का पद शामिल है. मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. स्क्रिप्ट के मुताबिक मतपत्रों की गिनती होगी और परिणाम भी तैयार किया जाएगा. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उस परिणाम की घोषणा नहीं की जाएगी. उसे सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाएगा. RCA मुख्यालय के अंदर जिला क्रिकेट संघों से जुड़े अधिकारी वोट डाल रहे थे. इनमें दो क्रिकेटर भी शामिल थे. पूर्व क्रिकेटर भी वहां मौजूद थे. कुल 38 वोटों की बात कही गई है. मतदान के दौरान कुछ वोट बाकी थे, तभी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया. तीन नए जिलों को लेकर विवाद के बीच आया यह आदेश चुनाव के परिणाम को सीधे प्रभावित कर रहा है, क्योंकि वोटिंग पूरी होने के बाद भी नतीजे सार्वजनिक नहीं किए जा सकेंगे.
ढाई साल से बिना निर्वाचित कार्यकारी समिति चल रहा था RCA
RCA पिछले लगभग ढाई साल से बिना किसी निर्वाचित कार्यकारी समिति के चल रहा था. पहले संस्था का काम तदर्थ यानी एडहॉक समिति के जरिए चलाया गया. इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रशासक भास्कर ए. सावंत की देखरेख में चुनाव कराने का रास्ता साफ किया था. स्क्रिप्ट में कहा गया है कि पिछले करीब तीन महीनों से पूरा क्रिकेट संचालन भास्कर सावंत संभाल रहे हैं. इसी संदर्भ में एक बयान में मजाकिया अंदाज में उनकी किस्मत अच्छी होने की बात भी कही गई. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और स्थगन आदेश के बाद यह भी कहा गया कि यह रोक कितने समय तक रहेगी, यह नहीं कहा जा सकता. बयान में RCA को खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने का मंच बताया गया है. साथ ही कहा गया कि संस्था में क्रिकेट के बजाय विवाद और खासकर कानूनी विवाद चर्चा में हैं. RCA से जुड़े लोगों से सकारात्मक सोच रखने की अपील भी की गई.
अध्यक्ष पद की दौड़ में नेताओं के बेटे
RCA के अध्यक्ष पद के लिए राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर के बेटे धनंजय सिंह खिमसर भी दावेदारी कर रहे हैं. दूसरी ओर सरकार समर्थित उम्मीदवार ब्रजकिशोर उपाध्याय भी मैदान में हैं. स्क्रिप्ट में राज्यसभा सांसद और भाजपा विधायकों के बेटों के उम्मीदवार होने का भी जिक्र है. इसी वजह से चुनाव में नेताओं के बेटों की मौजूदगी चर्चा में है. दिए गए बयान में कहा गया है कि नतीजों पर रोक लगने के बाद भाजपा की आंतरिक कलह सामने आ गई है और दोनों पक्षों में भाजपा नेताओं के बेटे आमने-सामने हैं. बयान में यह भी कहा गया कि RCA में इतने वर्षों से चुनाव नहीं हो पाने के पीछे इन नेता-पुत्रों की भूमिका होने का संकेत मिलता है. यह बातें दिए गए बयान में कही गई हैं. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अध्यक्ष पद समेत छह पदों के चुनाव का परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा.
अब अदालत के अगले कदम पर टिकी है आगे की प्रक्रिया
RCA चुनाव में मतदान पूरा हो चुका है. मतपत्रों की गिनती होगी और परिणाम तैयार किया जाएगा, लेकिन फिलहाल उसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा. नतीजों को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक बालोतरा, खैरथल-तिजारा और डीडवाना-कुचामन से जुड़े मामले के अंतिम रूप से तय होने तक परिणाम की घोषणा नहीं होगी. स्क्रिप्ट में बताया गया है कि अगर मामला सही रहता है तो गिनती होगी और अगर स्थिति सही नहीं रहती तो चुनाव दोबारा कराए जाएंगे. बयान में उम्मीद जताई गई है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत सुप्रीम कोर्ट में उठाए गए आरोपों पर राजस्थान हाईकोर्ट सुनवाई करेगा. ऐसे में RCA के नए नेतृत्व को लेकर आगे की स्थिति अदालत की कार्रवाई से जुड़ी हुई है. फिलहाल मतदान हो चुका है, लेकिन परिणाम सीलबंद रहेगा.
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