गहलोत सरकार में जिस नियुक्ति पर मचा था बवाल, अब भजनलाल सरकार ने उसी चेहरे को सौंपी RPSC की कमान!

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह को आयोग का नया कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बता दें कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के समय आरपीएससी सदस्य के रूप में इनकी नियुक्ति पर भारी विवाद हुआ था, जिस पर तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने अपनी 'गलती' भी मानी थी

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न्यूज तक डेस्क

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राजस्थान की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण भर्ती संस्था, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. जिस नाम पर कभी सूबे की सियासत में जमकर सवाल उठे थे और जिसकी नियुक्ति को लेकर इतना बड़ा विवाद खड़ा हुआ था कि खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सार्वजनिक रूप से यह कहना पड़ा था कि उनसे 'गलती' हो गई, अब वही चेहरा RPSC की सबसे बड़ी कमान संभालने जा रहा है. जी हां, राजस्थान लोक सेवा आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी अब लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह को सौंप दी गई है.

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अशोक गहलोत के गलती वाले बयान से जुड़ा है अतीत

दिलचस्प बात ये है कि कुछ साल पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह की नियुक्ति RPSC के सदस्य के तौर पर की गई थी. उस दौरान सोशल मीडिया पर उनके कुछ पुराने बयानों और जातिगत टिप्पणियों को लेकर इतना भारी विवाद खड़ा हो गया था कि विपक्ष (भाजपा) ने सरकार पर तीखे हमले किए थे. चौतरफा घिरने के बाद खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने आकर यह स्वीकार किया था कि उनसे केसरी सिंह को सदस्य बनाने के फैसले में भूल या गलती हुई है.

सत्ता बदली, सरकार बदली और बदल गई जिम्मेदारी

लेकिन अब राजस्थान की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा की भजनलाल शर्मा सरकार काम कर रही है. ऐसे में जिस चेहरे को लेकर कांग्रेस बैकफुट पर आ गई थी, उसी चेहरे पर वर्तमान सरकार ने एक बार फिर बड़ा भरोसा जताया है. आरपीएससी अध्यक्ष का पद रिक्त होने के चलते सरकार ने वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह को आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में शीर्ष पद सौंप दिया है.

युवाओं की उम्मीदों और विवादों के बीच बड़ा इम्तिहान

RPSC पिछले कुछ समय से पेपर लीक मामलों और अन्य प्रशासनिक विवादों के कारण लगातार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और विपक्ष के निशाने पर रहा है. ऐसे में एक विवादित अतीत से निकलकर आयोग के सर्वोच्च पद पर बैठने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह के सामने परीक्षाओं को पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से कराने की एक बेहद बड़ी चुनौती होगी. अब देखना यह होगा कि कर्नल केसरी सिंह के इस नए कार्यकाल में आरपीएससी अपनी साख को कितना मजबूत कर पाती है.

 

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