छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सचिन पायलट ने कहा कि देश का युवा लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन सरकार ने उनसे बातचीत तक नहीं की. उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और कोचिंग-पेपर लीक माफिया हावी हैं. नीट (NEET) की दोबारा परीक्षा में लाखों छात्रों के शामिल न हो पाने का जिक्र करते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सख्त जवाबदेही तय करने की मांग की.
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संसद के मानसून सत्र में उठेगा मुद्दा
पायलट ने पुलिस प्रशासन द्वारा छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करने की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष संसद के मानसून सत्र में छात्रों के हक और युवाओं के न्याय के लिए इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएगा. उन्होंने छात्रों से संयम बनाए रखने की भी अपील की.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सरकार पर साधा निशाना
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितता पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि इस मामले में सिर्फ जांच बिठा देना या दुख जताना काफी नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नाक के नीचे करोड़ों की हेराफेरी हुई, लेकिन कार्रवाई सिर्फ छोटे कर्मचारियों जैसे ड्राइवर या चपरासी पर की जा रही है, जबकि बड़े मगरमच्छों को बचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिस भगवान राम के नाम पर राजनीति की जाती है, उनके चढ़ावे में हेराफेरी करने वालों को संरक्षण देना सबसे बड़ा पाप है.
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