साध्वी प्रेम बाईसा केस में बड़ा मोड़, आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट डालने वाले शख्स ने बताया उस रात क्या हुआ था

जोधपुर की साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट करने वाले भोमाराम ने पूरी घटना की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पोस्ट वीरमनाथ के कहने पर की गई थी. अब भी वह साध्वी को न्याय दिलाने की मांग पर कायम हैं.

sadhvi prem baisa
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अशोक शर्मा

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Sadhvi Prem Baisa Death Case: राजस्थान के चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा मामले में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. इस मामले में उस व्यक्ति ने चुप्पी तोड़ी है जिसने साध्वी की मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से आखिरी पोस्ट शेयर की थी. भोमाराम नाम के इस शख्स ने बताया कि उस रात असल में क्या-क्या हुआ था और किसके कहने पर सोशल मीडिया पर 'न्याय' की मांग उठाई गई थी.

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अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें 

भोमाराम ने बताया कि 28 जनवरी की शाम करीब 7 बजे उनके पास वीरमनाथ का फोन आया था. उन्हें बताया गया कि बाईसा की तबीयत बहुत खराब है और उन्हें तुरंत अस्पताल बुलाया गया. जब भोमाराम शाम 7:31 बजे प्रेक्षा अस्पताल पहुंचे, तब तक साध्वी प्रेम बाईसा का निधन हो चुका था. अस्पताल के बेड पर उनका पार्थिव देह पड़ा था. इसके बाद तुरंत अन्य गुरुओं और संतों को इस दुखद खबर की जानकारी दी गई.

इंस्टाग्राम पोस्ट के पीछे की कहानी 

भोमाराम ने बताया कि वीरमनाथ के कहने पर उन्होंने रात 9 बजकर 38 मिनट पर साध्वी प्रेम बाईसा के इंस्टाग्राम अकाउंट से न्याय की मांग करते हुए पोस्ट डाली. उन्होंने कहा, इंस्टाग्राम पर जो कुछ भी लिखा गया, वह उनके अपने शब्द नहीं थे, बल्कि वीरमनाथ जैसा बताते गए, वह वैसा ही पोस्ट करते गए. पोस्ट सामने आते ही भक्तों और समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया और कुछ ही समय में वहां भारी भीड़ जमा हो गई.

उनका कहना है कि पोस्ट के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. इस दौरान पोस्टमार्टम को लेकर भी चर्चा हुई, लेकिन संत-महात्माओं के पहुंचने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय करने की बात कही गई. इसी बीच कुछ युवकों ने नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची.

वीरमनाथ के निर्देश पर हुई कार्रवाई 

भोमाराम ने साफ कहा कि इंस्टाग्राम पर जो कुछ भी लिखा गया, वह पूरी तरह वीरमनाथ के कहने पर पोस्ट किया गया था. पोस्ट में साध्वी के 25 वर्षों के ब्रह्मचर्य जीवन और उनके चरित्र पर लगाए गए आरोपों का जिक्र था. उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर साध्वी प्रेम बाईसा ने पहले शंकराचार्य को पत्र भी लिखा था.

अब SIT करेगी पूछताछ 

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब SIT ने भोमाराम को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है. भोमाराम का कहना है कि वह बचपन से ही साध्वी से जुड़े हुए थे और उनके बेहद करीब थे. उन्होंने बताया कि साध्वी को अक्सर सांस लेने में दिक्कत होती थी. फिलहाल, भोमाराम का कहना है कि वह सच के साथ खड़े हैं और साध्वी को न्याय मिलना चाहिए.

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