मारवाड़ की प्रसिद्ध कथा वाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजन उन्हें शाम करीब 5:30 बजे जोधपुर के पाल रोड स्थित प्रेक्षा अस्पताल लेकर पहुंचे थे. जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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अस्पताल संचालक डॉ. प्रवीण जैन के अनुसार, साध्वी को अस्पताल लाते समय ही मौत हो चुकी थी. इसकी सूचना शास्त्री नगर थाना पुलिस को दी गई और शव को एमडीएम अस्पताल भिजवाने को कहा गया.
आश्रम लेकर चले गए शव
हालांकि, परिजन शव को अस्पताल ले जाने के बजाय बोरानाडा स्थित उनके आश्रम लेकर चले गए. सूचना मिलने पर बोरानाडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. जिसके बाद सब-इंस्पेक्टर हेमराज ने साध्वी के कमरे को सीज कराया और देर रात शव को एमडीएम अस्पताल भेजा गया.
एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी को परिजन निजी अस्पताल लेकर गए थे. उनकी मौत हो चुकी थी. बोरानाडा थाना पुलिस जांच में जुट गई है. देर रात आश्रम पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और नारेबाजी भी हुई. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है.
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस अधिकारियों ने समझाइश की. इसके बाद रात करीब एक बजे शव को महात्मा गांधी अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट लाया गया, जहां डॉक्टरों ने फिर से मृत्यु की पुष्टि की और शव को मोर्चरी में रखवाया गया. अब परिजनों की सहमति के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा.
मौत के चार घंटे बाद सोशल मीडिया पोस्ट
यह मामला उस वक्त और रहस्यमयी बन गया जब साध्वी की मौत के करीब चार घंटे बाद, रात 9:30 बजे उनके अकाउंट से एक इमोशल संदेश साझा किया गया.
पोस्ट में लिखा गया कि उन्हें जीवन में न्याय नहीं मिला और उम्मीद है कि मृत्यु के बाद न्याय मिलेगा. उन्होंने सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था, संतों के प्रति सम्मान और अपने संघर्षों का जिक्र किया. साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने कई संतों और शंकराचार्य को पत्र लिखकर अग्नि परीक्षा की मांग की थी.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह पोस्ट किसने और कैसे किया.
पुराने वीडियो विवाद का कनेक्शन
पिछले साल जुलाई में साध्वी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें वह अपने गुरु, जिन्हें वह पिता समान मानती थीं, उनके गले मिलती नजर आई थीं. इसके बाद उन्हें काफी मानसिक तनाव झेलना पड़ा.
साध्वी ने तब आरोप लगाया था कि कुछ लोग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं. इस मामले में पुलिस रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी. उस समय उन्होंने कहा था कि वह खुद को निर्दोष साबित करने के लिए किसी भी तरह की अग्नि परीक्षा देने को तैयार हैं.
हनुमान बेनीवाल ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. फिलहाल बोरानाडा थाना पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों पर स्थिति साफ हो सकेगी.
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