हरियाणवी क्वीन सपना चौधरी की शादीशुदा जिंदगी में भूचाल, कोर्ट ने पति वीर साहू को दूर रहने का दिया आदेश

हरियाणवी स्टार सपना चौधरी ने पति वीर साहू पर घरेलू हिंसा और मारपीट का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्होंने बच्चों संग ससुराल छोड़ दिया. दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने सबूतों के आधार पर सपना को सुरक्षा देते हुए पति को उनसे दूर रहने और संपर्क न करने का सख्त आदेश दिया है. अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी.

sapna choudhary
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अनीषा माथुर

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हरियाणवी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री और डांसर सपना चौधरी की निजी जिंदगी को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. पिछले लंबे समय से उनकी शादीशुदा जिंदगी में चल रही अनबन की खबरों पर अब कानूनी मुहर लग गई है. सपना चौधरी ने अपने पति यशवीर साहू (वीर साहू) के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया है. सपना का आरोप है कि उनके पति उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करते थे, जिसके चलते उन्हें अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ ससुराल छोड़ना पड़ा.

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इस मामले में दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट से सपना चौधरी को बड़ी कानूनी राहत मिली है. अदालत ने सपना चौधरी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंतरिम आदेश जारी किया है. इसके तहत उनके पति यशवीर साहू को सपना से किसी भी तरह का संपर्क करने, उनके करीब आने या उन्हें परेशान करने से सख्त तौर पर रोक दिया गया है.

कोर्ट में पेश किए गए पुख्ता सबूत

सपना चौधरी की तरफ से अदालत में पेश हुईं वकील प्रीति सिंह ने दलीलें रखीं. वकील ने कोर्ट को बताया कि भविष्य में भी सपना के साथ ऐसी हिंसक घटनाएं होने का खतरा है. कोर्ट के सामने सपना चौधरी की मेडिकल रिपोर्ट, चोटों की तस्वीरें और पति द्वारा दी गई धमकियों की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर पेश की गईं. इन सभी पुख्ता दस्तावेजों पर गौर करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिंह ने यह अंतरिम आदेश जारी किया.

फिल्म प्रीमियर पर हंगामा करने का था डर

यह अदालती आदेश सपना चौधरी की आने वाली फिल्म 'मोमाकू' के प्रीमियर से ठीक पहले आया है. सपना की लीगल टीम ने कोर्ट को बताया था कि 10 जून को होने वाले फिल्म प्रीमियर के दौरान उनके पति वहां पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं, जिससे सपना की सामाजिक छवि और करियर को नुकसान पहुंच सकता है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने यशवीर साहू के सपना चौधरी के घर, उनके दफ्तर और फिल्म प्रीमियर के आयोजन स्थल (वेन्यू) पर जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है.

पुलिस और प्रोटेक्शन ऑफिसर को निर्देश

द्वारका कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि सपना चौधरी के साथ किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा की घटना नहीं होनी चाहिए. न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संबंधित प्रोटेक्शन ऑफिसर और स्थानीय इलाके के एसएचओ (SHO) को आदेश की कॉपी तुरंत यशवीर साहू तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही पुलिस को सपना चौधरी को पूरी सुरक्षा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है.

25 जुलाई को होगी अगली कोर्ट सुनवाई

अदालत ने घरेलू हिंसा के इस मामले में यशवीर साहू को समन जारी कर दिया है. उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के सामने पेश होना होगा. इस पूरे मामले की अगली सुनवाई अब 25 जुलाई को तय की गई है. फिलहाल कोर्ट ने सपना को अंतरिम राहत दी है, और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला आना अभी बाकी है. कानूनी प्रक्रिया जारी है और मामला अभी अदालत के विचाराधीन है.

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