राजस्थान में यूजीसी (UGC) के नियमों और विभिन्न मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में राष्ट्रीय करणी सेना भवन में आयोजित बैठक के दौरान सवर्ण समाज और करणी सेना के पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़े आंदोलन का ऐलान किया है. वक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो राजस्थान में बड़ा आंदोलन किया जाएगा और प्रदेशभर में लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा कर दी जाएगी.
ADVERTISEMENT
मातृशक्ति बैठी अनशन पर
आंदोलन के तहत महिलाओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। महिला अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर समेत कई मातृशक्ति अनशन पर बैठ गई हैं. नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अनशन पर बैठी महिलाओं को किसी प्रकार की हानि होती है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. वक्ताओं ने यहां तक कह दिया कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो इतिहास के पन्नों से 'जौहर' की परंपरा को भी याद दिलाया जाएगा.
बीजेपी के कोर वोटर रहे हैं, लेकिन अब...
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पारंपरिक और कोर वोटर रहे हैं, जिन्होंने पार्टी को सड़क से संसद तक पहुंचाया. लेकिन अब सरकार की नीतियों और अनदेखी के कारण समाज में भारी नाराजगी है. उन्होंने निकाय चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि जनता अब विकल्पों की ओर देख रही है और यदि सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो आगामी चुनावों में इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.
हाईवे जाम और महाआंदोलन की चेतावनी
करणी सेना और सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं. आगामी दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर और राजस्थान के विभिन्न हाईवे पर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे अपनी जिद छोड़कर जल्द से जल्द यूजीसी के नियमों और अन्य मुद्दों पर ठोस निर्णय लें.
ADVERTISEMENT


