राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के बाद लोगों का आक्रोश उबल पड़ा था. जनता की भारी नाराजगी और अवैध होटलों को बंद करने की मांग के बीच जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से एक बेहद बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है. प्रशासन ने देर रात कार्रवाई करते हुए उन अवैध होटलों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह जमींदोज कर दिया है, जहां मासूम को बंधक बनाकर दरिंदगी की गई थी.
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देर रात चला प्रशासन का पीला पंजा
गंगानगर के सुखाड़िया सर्कल से मीरा चौक रोड पर स्थित 'होटल एंजॉय इन' (Hotel Enjoy Inn) सहित चार अवैध होटलों पर प्रशासन का भारी अमला बुलडोजर लेकर पहुंचा. रात के अंधेरे में ही इन इमारतों को ढहाने का काम शुरू हुआ और सुबह होने तक ये होटल मलबे में तब्दील हो चुके थे. इसी 'होटल एंजॉय इन' में मासूम को सबसे पहले लाया गया था.
₹1000 में रिक्शा चालक ने किया था सौदा
यह दिल दहला देने वाला मामला बीती 18 जून को शुरू हुआ था. मासूम बच्ची अपने एक दोस्त के घर से लौट रही थी, तभी उसने एक ऑटो/रिक्शा किराए पर लिया. आरोप है कि रिक्शा चालक ने बच्ची को बहला-फुसलाकर 'होटल एंजॉय इन' के मालिकों को महज ₹1000 में बेच दिया. इसके बाद होटल में बच्ची को बंधक बना लिया गया.
5 दिनों तक 30 से ज्यादा दरिंदों ने किया शिकार
होटल के अंदर मानवता को शर्मसार करने वाला खेल खेला गया. हर दिन करीब 5 से 6 लोग बच्ची के साथ हैवानियत करते थे. रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 5 दिनों तक वह मासूम करीब 30 से 32 लोगों की हवस का शिकार बनती रही. इस घिनौने अपराध की हद तब पार हो गई जब होटल मालिकों ने बच्ची की तस्वीरें दूसरे होटलों के वॉट्सऐप ग्रुपों में भेजनी शुरू कर दीं.
ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी, 300 होटल निशाने पर
ग्रुप में फोटो वायरल होने की भनक लगते ही श्रीगंगानगर एसपी हरिशंकर यादव की टीम मुस्तैद हुई और पुलिस ने जाल बिछाकर मासूम को दरिंदों के चंगुल से सकुशल छुड़ाया. इस मामले में पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बाकी बचे 18 से 20 आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. इस बड़ी वारदात के बाद श्रीगंगानगर के करीब 300 से अधिक अवैध और संदिग्ध होटल अब पुलिस और प्रशासन के रडार पर आ चुके हैं.
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