दिल्ली कोचिंग हादसे पर टीचर अवध ओझा ने तोड़ी चुप्पी, बोले- '6 महीने बाद ही फिर ऐसा होगा अगर...'

राजस्थान तक

31 Jul 2024 (अपडेटेड: Jul 31 2024 3:00 PM)

Teacher Avadh Ojha on Delhi coaching: दिल्ली कोचिंग हादसे पर 3 छात्रों की मौत पर मचे बवाल के बाद UPSC की तैयारी करवाने वाले फेमस टीचर अवध ओझा ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि " लोग समझ रहे हैं, मेरी कोचिंग थी..ये मैंने करवाया?

Avadh Ojha
Avadh Ojha
Google CTA

Teacher Avadh Ojha on Delhi coaching: दिल्ली कोचिंग हादसे पर 3 छात्रों की मौत पर मचे बवाल के बाद UPSC की तैयारी करवाने वाले फेमस टीचर अवध ओझा ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि " लोग समझ रहे हैं, मेरी कोचिंग थी..ये मैंने करवाया? लोग इस घटना के लिए सिर्फ दो लोगों को जिम्मेदार मान रहे हैं, एक हैं विकास दिव्यकीर्ति और दूसरा अवध ओझा". दिल्ली हादसे पर टीचर अवध ओझा ने हमारे सहयोगी चैनल लल्लनटॉप से खास बातचीत की.  

Read more!

अवध ओझा 4 दिन से कहां थे?

इस सवाल पर ओझा ने कहा कि मैं कहीं नहीं था मैं बच्चों के बीच था. उन्होंने कहा, दरअसल क्या होता है, उत्तेजना और युवा.. इनका मिलन बड़ा खतरनाक होता है. दिल्ली में बड़ी दुर्घटना घटी..मैं दिल्ली में था. घटना के बाद बच्चों में उत्तेजना है, जिससे कुछ नहीं होने वाला. सरकार कानून बनाए, मैं बच्चों के साथ हूं. जो कोचिंग चलाते हैं, वह सेफ्टी का पूरा ध्यान रखे. घटना होने पर एनओसी देने वाले अधिकारी और कोचिंग संचालक घटना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे. जब तक कठोर दंड का प्रावधान नहीं होता तब तक ऐसी घटना घटती रहेगी. ओझा ने कहा कि किसी भी क्लास में 100 और अधिकतम 200 से अधिक स्टूडेंट नहीं होने चाहिए. सरकार को सख्त कानून बनाना होगा. वहीं उन्होंने 

छात्रों के मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधी?

इस पर अवध ओझा ने कहा, सोशल मीडिया पर लोगों को लग रहा है कि मेरी कोचिंग थी..ये मैंने करवाया, मुझे ढूंढ़ा जा रहा था. मैं 27 तारीख को निकला गुरुमहाराज के पास, उनकी तबीयत खराब थी. फिर मुझे दिल्ली कोचिंग हादसे के बारे में पता लगा. इससे पहले मैं दिल्ली पहुंचता मेरे-पिता की तबीयत खराब हो गई. मेरी मां को वकीलों ने बताया कि तुम्हारे बेटे की कोचिंग में घटना हो गई है. 3 लड़के मर गए. आपके बेटे को गिरफ्तार कर लिया. ऐसी स्थिति मैं अपने माता-पिता के पास पहुंचा. मां-बाप को क्या पता. इस देश में फिलहाल ऐसी स्थिति बनी हुई है कि इस घटना के सिर्फ दो लोग जिम्मेदार है, एक है अवध ओझा और दूसरा विकास दिव्यकीर्ति. 

बच्चों के साथ क्यों नहीं आए

ओझा ने कहा, आप हमसे आशा रखते हैं, ठीक है. हम आपके लिए लड़ेंगे. लेकिन लड़ने का एक तरीका होता है. बच्चे मुद्दे की बात पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, वह टीचर को टारगेट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट की भी जिम्मेदारी है, कि वह किसी कोचिंग में जाए तो सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें. उन्होंने कहा- ऐसे हादसे 6 माह बाद फिर होंगे, अगर जब तक इसपर कड़ा कानून नहीं बनाया जाएगा. अवध ओझा ने बताया कि मैंने 4 सूत्रीय प्रोग्राम निकाला है. इसी हफ्ते मैं प्रदेश और केंद्र के लीडर्स से मिलूंगा और अपने 4 सूत्रीय प्रस्ताव को रखूंगा. 

क्या है 4 सूत्रीय प्रोग्राम

अवध ओझा ने चार सूत्री मांग के बारे में बताया, उन्होंने कहा, पहला सेफ्टी स्टैंडर्ड को फॉलो किया जाए. दूसरा ये कि सीमित संख्या में स्टूडेंट्स क्लास में बैठें, 100 स्टूडेंट्स से ज्यादा न बिठाए जाएं. तीसरा, एडमिशन फॉर्म में कोचिंग रिस्पॉन्सिबिलिटी लिखी जाए कि मेरे संस्थान में कोई घटना घटती है, तो मैं इसका जिम्मेदार माना जाऊंगा. चौथा, एक कानून पारित होना चाहिए. 

देखें पूरा इंटरव्यू