राजस्थान की सबसे चर्चित आईएएस अधिकारियों में शुमार टीना डाबी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद टीना डाबी ने टोंक जिले की नई जिला कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है. टोंक, जो कि दिग्गज कांग्रेस नेता सचिन पायलट का विधानसभा क्षेत्र है, वहाँ टीना डाबी के आने के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
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पदभार ग्रहण करते ही फरियादियों की उमड़ी भीड़
टीना डाबी की लोकप्रियता और उनके काम करने के अंदाज का असर पहले ही दिन से टोंक में दिखने लगा है. कलेक्टर ऑफिस के बाहर फरियादियों का भारी जमावड़ा देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि 'मैडम कलेक्टर' उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगी. जैसलमेर और बाड़मेर में कलेक्टर रहते हुए टीना डाबी ने जिस तरह से नवाचार किए और लोगों को राहत दी, वही उम्मीद अब टोंक की जनता भी उनसे लगाए बैठी है.
पहली बैठक में अधिकारियों को सख्त हिदायत
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में टीना डाबी अपने पुराने 'एक्शन मोड' में नजर आईं. उन्होंने जिला अधिकारियों के साथ पहली साप्ताहिक समीक्षा बैठक ली. बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपनी कार्यशैली और मंशा से अवगत करा दिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई और जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जैसलमेर-बाड़मेर जैसा जादू क्या टोंक में चलेगा?
टीना डाबी ने जैसलमेर में 'महिला सशक्तिकरण' और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो अभियान चलाए थे, उनकी चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी. अब टोंक के राजनीतिक और सामाजिक परिवेश में टीना डाबी किस तरह के नवाचार लेकर आती हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं. क्या वे पायलट के गढ़ में विकास की नई इबारत लिख पाएंगी? यह आने वाला वक्त बताएगा.
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