टोंक: सीएम के निर्देश पर एक्शन मोड में डीएम टीना डाबी, 7 घंटे तक बिना ब्रेक की जनसुनवाई, ऑन द स्पॉट निपटाईं समस्याएं

टोंक जिला कलेक्टर टीना डाबी ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 7 घंटे की मैराथन जनसुनवाई कर सैकड़ों समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया. उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का रजिस्टर मेंटेन करने और दोबारा शिकायत न आने देने की सख्त चेतावनी दी है.

टीना डाबी
टीना डाबी

न्यूज तक डेस्क

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राजस्थान के मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन अब सीधे जनता के द्वार तक पहुंच रहा है. इसी कड़ी में टोंक की जिला कलेक्टर टीना डाबी (Tina Dabi) का एक अलग अंदाज देखने को मिला. जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर ने लगातार 7 घंटे तक बिना किसी ब्रेक के लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को 'ऑन द स्पॉट' निस्तारण के निर्देश दिए.

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मुख्यमंत्री के निर्देशों का असर

मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनता की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही होना चाहिए ताकि आम आदमी को जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें. जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर टीना डाबी ने फरियादियों से 'वन टू वन' बात की. उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि एक बार आई शिकायत का समाधान तय समय सीमा में हो जाना चाहिए ताकि परिवादी को दोबारा चक्कर न लगाना पड़े.

अधिकारियों को 'ऑन द स्पॉट' एक्शन के निर्देश

जनसुनवाई की खास बात यह रही कि कलेक्टर ने सिर्फ निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि कई गंभीर मामलों में अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर रिपोर्ट देने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई समस्या उपखंड स्तर (SDM) या तहसील स्तर की है, तो उसका समाधान वहीं होना चाहिए. यदि लोग 100-100 किलोमीटर दूर से जिला मुख्यालय आ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि निचले स्तर पर जवाबदेही की कमी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

गौ अभयारण्य और जनहित के मुद्दों पर चर्चा

जनसुनवाई के दौरान गौ भक्तों और पर्यावरण प्रेमियों ने टोंक में गौ अभयारण्य बनाने की मांग भी उठाई. इस पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सरकार चरागाह भूमि पर गौ माता के संरक्षण के लिए अनुदान देने और आवश्यक बुनियादी ढांचा (टीन शेड, ट्यूबवेल आदि) तैयार करने के लिए योजनाएं बना रही है. विधायक मद के पैसे का उपयोग भी इन कार्यों में किया जा सकता है.

रजिस्टर मेंटेनेंस और जवाबदेही तय

कलेक्टर ने सभी उपखंड कार्यालयों और विभागों को निर्देश दिए हैं कि हर शिकायत का रजिस्टर मेंटेन किया जाए. अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि पिछली शिकायतों पर क्या कार्यवाही हुई. टीना डाबी के इस 'मैराथन' एक्शन ने टोंक प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है, वहीं आम जनता ने इस पहल की सराहना की है.

 

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