राजस्थान के टोंक जिले के मंडावर क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले. इस खूनी संघर्ष में महिलाओं और पुरुषों को दौड़ा-दौड़कर पीटा गया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें खुलेआम हिंसा का तांडव देखा जा सकता है. आइए विस्तार से जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी.
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20-25 लोगों ने किया हमला
पीड़ित पक्ष के मांगीलाल गुर्जर ने बताया कि करीब 20 से 25 लोगों के समूह ने अचानक उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. हमलावरों ने न केवल पुरुषों को निशाना बनाया, बल्कि घर की महिलाओं को भी जमीन पर पटक-पटक कर पीटा. पीड़ित का आरोप है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने सिर पर वार कर लोगों को लहूलुहान कर दिया.
3 बीघा जमीन के लिए अपनों ने बहाया खून
जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद लगभग 3 बीघा जमीन को लेकर चल रहा है. सबसे दुखद बात यह है कि हमला करने वाले और पीड़ित आपस में ही परिवार के सदस्य (चाचा-ताऊ के परिवार) बताए जा रहे हैं. घायल पक्ष का कहना है कि वे चाय की दुकान पर बैठे थे, तभी हेमराज गुर्जर और उसके साथियों ने उन पर हमला बोल दिया.
स्कूल के बाहर चलता रहा तमाशा, मूकदर्शक बना रहा गांव
यह मारपीट गांव के स्कूल के पास हुई. पीड़ितों का दावा है कि जब उन्हें पीटा जा रहा था, तब पूरा गांव तमाशा देख रहा था, लेकिन कोई भी उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया. गंभीर बात यह है कि हमलावरों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिनके हाथों में लकड़ियां थीं.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वारदात के समय 100 नंबर और थाने पर फोन किया गया, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची. एक घायल महिला ने बताया कि उसने दिसंबर 2025 में भी बरौनी थाना में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे हमलावरों के हौसले बुलंद हो गए. फिलहाल, घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया है और पुलिस अब जांच की बात कह रही है.
यहां देखें वीडियो
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