Rajasthan: उदयपुर से प्रवक्ता गौरव वल्लभ के चुनाव लड़ने का विरोध! मीटिंग में आपस में भिड़े कांग्रेसी कार्यकर्ता

Satish Sharma

27 Aug 2023 (अपडेटेड: Aug 27 2023 6:11 AM)

Rajasthan Congress News: राजस्थान में विधानसभा (Rajasthan Election 2023) चुनाव को लेकर सियासी संग्राम भी शुरू हो गया है. झीलों की नगरी उदयपुर (Udaipur News) में भी कांग्रेस पार्टी द्वारा एक बैठक में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आपस में उलझ गए. इस दौरान राजस्थान सरकार के दो मंत्री भी मौजूद थे. दरअसल, उदयपुर शहर विधानसभा […]

Rajasthan: उदयपुर से प्रवक्ता गौरव वल्लभ के चुनाव लड़ने का विरोध! मीटिंग में आपस में भिड़े कांग्रेसी
Rajasthan: उदयपुर से प्रवक्ता गौरव वल्लभ के चुनाव लड़ने का विरोध! मीटिंग में आपस में भिड़े कांग्रेसी
Google CTA

Rajasthan Congress News: राजस्थान में विधानसभा (Rajasthan Election 2023) चुनाव को लेकर सियासी संग्राम भी शुरू हो गया है. झीलों की नगरी उदयपुर (Udaipur News) में भी कांग्रेस पार्टी द्वारा एक बैठक में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आपस में उलझ गए. इस दौरान राजस्थान सरकार के दो मंत्री भी मौजूद थे.

Read more!

दरअसल, उदयपुर शहर विधानसभा सीट के दावेदारों के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया था. जिसमें राजस्थान सरकार के मंत्री मुरारी लाल मीणा और मंत्री भजनलाल जाटव भी मौजूद थे. बैठक की समाप्ति के बाद कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशियों को लेकर जमकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान सूचना केंद्र के नीचे उतरते ही कार्यकर्ताओं ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी. ऐसे में दोनों मंत्रियों के सामने ही नारेबाजी के दौरान कार्यकर्ताओं में धक्का मुक्की हुई. इसके बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर समर्थकों को अलग-अलग किया. इसके बाद मामला शांत हुआ.

बाहरी नेता को लेकर हुआ बवाल

बैठक की समाप्ति के साथ ही कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्थानीय प्रत्याशी को ही उदयपुर विधानसभा सीट पर टिकट मिलनी चाहिए, किसी बाहरी प्रत्याशी को हम स्वीकार नहीं करेंगे. बैठक के बाद दिनेश श्रीमाली और राजीव सुहालका समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई. बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रत्याशी को टिकट देने की जमकर आवाज उठाई.

गौरव वल्लभ का विरोध 

कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ भी उदयपुर से दावेदारी कर रहे हैं. जो स्वीकार नहीं है. स्थानीय प्रत्याशी को मौका मिलना चाहिए. क्योंकि धरने प्रदर्शन तो लंबे समय तक स्थानीय दावेदार तैयारी करता है.