बाड़मेर रिफाइनरी पर बोले केंद्रीय मंत्री- राज्य सरकार पर बकाया है 2500 करोड़, गहलोत सरकार को दी ये चेतावनी

दिनेश बोहरा

• 02:12 PM • 21 Feb 2023

Rajasthan News: ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के बाद अब बाड़मेर रिफाइनरी को लेकर भी केंद्र और राज्य की गहलोत सरकार आमने सामने आ गई है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गहलोत सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि रिफाइनरी निर्माण में सरकार अपनी हिस्सेदारी का पैसा […]

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Rajasthan News: ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के बाद अब बाड़मेर रिफाइनरी को लेकर भी केंद्र और राज्य की गहलोत सरकार आमने सामने आ गई है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गहलोत सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि रिफाइनरी निर्माण में सरकार अपनी हिस्सेदारी का पैसा नहीं दे रही है. राज्य सरकार पर 2500 करोड़ रुपये बकाया है. अगर समय पर सरकार पैसा नहीं देती है तो हिस्सेदारी घटा दी जाएगी.

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यह आरोप लगाते रहे हैं कि बीजेपी की वजह से रिफाइनरी की लागत 40 हजार करोड़ से बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपए हो गई है. मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बाड़मेर में रिफाइनरी विजिट करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने गहलोत के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों से सीमेंट से लेकर लोहे की कीमत जबरदस्त तरीके से बढ़ी है. इसी कारण रिफाइनरी की कोस्ट बढ़ गई है. गहलोत सरकार जो आरोप लगा रही है, वह पूरी तरीके से बेबुनियाद है.

केंद्रीय मंत्री ने गहलोत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार की हिस्सेदारी 26 फीसदी है. लेकिन, सरकार अपने हिस्से के 2500 करोड़ रुपए नहीं दे रही है. अब अगर अगले 1 महीने में बकाया रुपए नहीं दिए तो राज्य सरकार की हिस्सेदारी 26 फीसदी से घटाकर 16 फीसदी करने पर विचार किया जा सकता है. गौरतलब है कि रिफाइनरी का काम 2022 में पूरा होने वाला था. लेकिन कोविड-19 की वजह से रिफाइनरी का कामकाज अटक गया. अब रिफाइनरी का कामकाज जनवरी 2024 तक पूरा होगा.

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केंद्रीय मंत्री ने दावा किया है कि 2013 में सोनिया गांधी ने आनन-फानन में इस रिफाइनरी का शिलान्यास कर दिया था. लेकिन, प्रोजेक्ट को रिव्यू करने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी 2018 को शिलान्यास किया. इसके बाद से ही लगातार काम में तेजी आ गई है. अब राजस्थान की गहलोत सरकार अपने हिस्सेदारी का पैसा नहीं दे रही है. लेकिन हम इस बात के लिए कटिबद्ध हैं कि इस प्रोजेक्ट को हम जनवरी 2024 में पूरा कर देंगे. लिहाजा, अगस्त में अलग से फंड की भी जरूरत पड़ी तो केंद्र की सरकार देने के लिए तैयार है.

राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर मंत्री ने ली चुटकी
राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर केंद्रीय मंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि पड़ोसी राज्य हरियाणा से राजस्थान में पेट्रोल 16 रुपए लीटर महंगा है. वहीं डीजल 8 रुपए महंगा है. इस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जवाब देना चाहिए. जब एक ही देश है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग-अलग क्यों है?

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