झालावाड़ जिले के खोयरा गांव में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भावुक हो गईं. अपने परिवार के संघर्षों और योगदान पर लिखी एक कविता को सुनकर राजे मंच पर ही रो पड़ीं. उन्होंने भारी मन से कहा कि आज माता-पिता और भाई के बिना जीवन बहुत खाली महसूस होता है, लेकिन जनता से मिल रहे प्यार में ही वह अपने परिवार की कमी को पूरा करती हैं.
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कविता सुन रो पड़ीं पूर्व मुख्यमंत्री
सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा के तीसरे चरण के शुभारंभ के मौका था. इस दौरान स्थानीय युवती अदिति शर्मा ने वसुंधरा राजे के जीवन, उनके राजघराने और राजस्थान के विकास में उनके योगदान पर एक कविता पढ़ी. कविता के बोल सुनकर राजे खुद को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए. उन्होंने कहा कि मां राजमाता विजयाराजे सिंधिया, पिता जीवाजी राव सिंधिया और भाई माधवराव सिंधिया का उनके जीवन में जो योगदान रहा, उसे वह कभी नहीं भूल सकतीं.
समय हमेशा एक सा नहीं रहता
जनता को संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी दिया. उन्होंने कहा, "समय हमेशा एक जैसा नहीं होता. कभी अच्छा वक्त होता है तो कभी बहुत खराब. लेकिन मेरे लिए धन-दौलत बड़ी बात नहीं है, जनता का प्यार सबसे अनमोल है. अगर जनता का प्यार मिलेगा तो समय बदलेगा."
सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा का आगाज़
झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह की चार दिवसीय जनसंवाद पदयात्रा का तीसरा चरण बकानी से केसरिया झंडी दिखाकर रवाना किया गया. इस दौरान राजे ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह यात्रा चुनावी नहीं बल्कि जनता से जुड़ने का माध्यम है. वे कुछ लेने नहीं, बल्कि जनता का प्यार लेने आई हैं.
किसानों के मुद्दों पर चर्चा
यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया गया. लोगों ने पानी की किल्लत और सड़कों की खराब हालत के बारे में भी बताया. इस पर सांसद दुष्यंत सिंह ने भरोसा दिलाया कि अधिकारियों से बात कर जल्द ही फसलों का सर्वे करवाया जाएगा और उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी.
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