Deoli-Uniara Election: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर गुर्जर नेताओं के बीच की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है. सवाई माधोपुर के राठौद गांव में आयोजित 'बगड़ावत संगम महोत्सव' के दौरान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता विजय बैंसला ने अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक राजेंद्र गुर्जर पर तीखा हमला बोला. बैंसला ने सार्वजनिक मंच से आरोप लगाया कि जब पार्टी ने उन्हें टिकट दिया, तो राजेंद्र गुर्जर ने सहयोग करने के बजाय दूरी बना ली.
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मंच से छलका विजय बैंसला का दर्द
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में विजय बैंसला काफी भावुक और आक्रामक नजर आ रहे हैं.
उन्होंने कहा, "जब मुझे चुनाव के लिए टिकट मिला तो राजेंद्र गुर्जर अपना फोन बंद करके बैठ गए. यह वही राजेंद्र गुर्जर हैं, जिन्हें कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने खुद हाथ पकड़कर टिकट दिलवाया था. ऐसे में मैं क्या कर सकता था?"
बैंसला का यह बयान देवली-उनियारा विधानसभा चुनाव में उनकी हार और उसके बाद की राजनीतिक खींचतान की ओर इशारा कर रहा है.
वीडियो देखिए
क्या है इस विवाद की जड़?
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने विजय बैंसला को देवली-उनियारा से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. आरोप है कि उस दौरान राजेंद्र गुर्जर टिकट न मिलने से नाराज थे और उन्होंने पार्टी प्रत्याशी की मदद नहीं की. साल 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद यह चिट्ठी भी सामने आई थी
2023 की हार के बाद भाजपा के कई स्थानीय पदाधिकारियों ने तो प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर राजेंद्र गुर्जर को पार्टी से निष्कासित करने तक की मांग की थी. उन पर आरोप थे कि उन्होंने कांग्रेस विधायक से मिलकर बीजेपी पार्षदों को तोड़ने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का काम किया.
हालांकि, राजेंद्र गुर्जर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि वे चुनाव के दौरान पूरी तरह सक्रिय थे और उन्होंने विजय बैंसला के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्यकर्ताओं की बैठकों में भी हिस्सा लिया था.
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