अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की गुटबाजी पर क्या बोले NSUI चीफ विनोद जाखड़? राजस्थान में सरकार बनाने को लेकर दिया बड़ा बयान

हनीफ खान

• 12:47 PM • 11 Jul 2026

Vinod Jakhar News: राजस्थान में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की गुटबाजी पर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बड़ा बयान दिया है. डीडवाना में आयोजित 'छात्रों की गूंज' मशाल मार्च के दौरान उन्होंने साफ कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री का चेहरा और सरकार का नेतृत्व कांग्रेस आलाकमान तय करेगा. जानिए विनोद जाखड़ के बयान की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक मायने.

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राजस्थान के डीडवाना कुचामन जिले में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में एक विशाल मशाल मार्च का आयोजन किया गया. इस दौरान जाखड़ ने देश और प्रदेश में पेपर लीक, भ्रष्टाचार, और छात्र संघ चुनाव न कराए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की तुलना 'नाजी शासन' और 'हिटलर' से करते हुए कहा कि आज देश का युवा, किसान और महिला सभी सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर हैं.

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पेपर लीक और एनटीए पर उठाए बड़े सवाल

NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने नीट (NEET UG) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को आड़े हाथों लिया. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मोदी सरकार को धर्मेंद्र प्रधान से ऐसा क्या मोह है कि इतने बड़े घोटाले और 21 से ज्यादा छात्रों की खुदकुशी के बाद भी उनका इस्तीफा नहीं लिया गया. जाखड़ ने एनटीए पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक 'भ्रष्टाचारी और प्राइवेट संस्था' करार दिया और कहा कि यह संस्था पिछले 10 वर्षों में 89 से ज्यादा पेपर लीक करा चुकी है, फिर भी सरकार इस पर प्रतिबंध लगाने से पीछे हट रही है.

डीलिमिटेशन बिल और पार्टियों को तोड़ने का लगाया आरोप

केंद्र सरकार की रणनीतियों पर बोलते हुए विनोद जाखड़ ने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपना रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ईडी (ED), सीबीआई (CBI) का दुरुपयोग किया जा रहा है और नेताओं के परिवारों तक को निशाना बनाया जा रहा है.

उन्होंने दावा किया कि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य देश में डीलिमिटेशन (परिसीमन) बिल पारित करना और हिंदू-मुसलमान का जहर घोलकर वोटों का ध्रुवीकरण करना है. जाखड़ ने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 25 लाख की आबादी वाली लोकसभा सीट के बगल में 6 लाख की सीट बनाई गई, ताकि डीलिमिटेशन के जरिए मनचाहा राजनीतिक लाभ लिया जा सके.

गहलोत बनाम पायलट विवाद और कांग्रेस की एकजुटता

राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की गुटबाजी और भविष्य में मुख्यमंत्री चेहरे के सवाल पर विनोद जाखड़ ने सधा हुआ जवाब दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार कौन बनाएगा और किसका नेतृत्व होगा, यह राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस आलाकमान तय करेगा.

उन्होंने खुद को जमीन पर संघर्ष करने वाला एक छात्र नेता बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी में नैतिकता है और वे सभी राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर प्रदेश और देश में कांग्रेस को मजबूत करने का काम कर रहे हैं.

छात्र संघ चुनाव और कानून व्यवस्था पर घेरा

राजस्थान की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने छात्र संघ चुनाव न कराने को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. जाखड़ ने कहा कि जो सरकार सरपंचों के चुनाव कराने से डर रही है, वह छात्र संघ की 'वानर सेना' के चुनाव कैसे कराएगी, क्योंकि छात्र शक्ति सरकार की ईंट से ईंट बजाने का माद्दा रखती है.

इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में बढ़ती ड्रग्स तस्करी, खनन माफियाओं के प्रभाव और श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान में आज लोकतंत्र नहीं बल्कि ब्यूरोक्रेसी और सांप्रदायिक ताकतों का राज चल रहा है, जिसे जनता आने वाले समय में कड़ा सबक सिखाएगी.

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