सोमवार को राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट के लिए एक मार्च निकाला था. इस मार्च में उनके साथ कई नेता जैसे तेजस्वी यादव, नेहा बोरा, प्रियंका गांधी मौजूद थी. लेकिन इन सबके बीच एक व्हाइट शर्ट पहनी जेन-जी लड़की ने सबका अपनी ओर ध्यान खींचा, जो कि राहुल गांधी के बगल में खड़ी होकर नारे लगाते दिखी. बस क्या था, अचानक यह चेहरा लाइमलाइट में आ गया और सोशल मीडिया पर उनकी खूब चर्चा होने लगी. ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं आखिर कौन है यह लड़की.
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कौन हैं यह जेन-जी लड़की?
जानकारी के मुताबिक, इस जेन-जी लड़की का नाम जन्नत बिश्नोई है. जन्नत राजस्थान के श्रीगंगानगर के संगरिया के एक साधारण परिवार से आने वाली लड़की है. जानकारी के मुताबिक, जन्नत के पिता खेती-किसानी का काम करते हैं और उनकी मां एक गृहिणी है. जन्नत दिल्ली यूनिवर्सिटी की श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज की बीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट है. फिलहाल जन्नत दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ(DUSU) की कार्यकारी पार्षद(Executive Councillor) है और इसके साथ ही वह NSUI की एक एक्टिव सदस्य भी है.
DUSU में पलटा 104 साल का इतिहास!
जन्नत ने सिर्फ सुप्रीम कोर्ट मार्च में ही हिस्सा नहीं लिया है, इससे पहले उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के इतिहास को भी पलटा है. आज तक से बातचीत के दौरान जन्नत ने बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी को 104 साल हो चुके है, लेकिन अब तक DUSU के एग्जीक्यूटिव काउंसलर की पद पर कोई छात्रा नहीं पहुंच पाई थी. इनपर अभी तक सिर्फ लड़के ही थे. लेकिन जन्नत ने अपनी मेहनत के बल पर इस चुनाव में इतिहास पलट दिया है.
कैसे आई राजनीति में जन्नत?
इसी बातचीत के दौरान के जन्नत ने बताया कि जब वो कॉलेज में आईं तो उन्होंने खुद स्टूडेंट का दुख झेला. फिर उन्हें लगा कि NSUI के जरिए वे उनकी हक की आवाज बेहतर तरीके से उठा सकती है. इसके बाद ही उन्होंने अपना कदम उठाया और आज वह सुर्खियों में बनी हुई है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जन्नत अकसर कॉलेज कैंपस के अंदर महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आवाज उठाती रहती है. वो कैंपस को सुरक्षित बनाने के लिए हर जगह CCTV कैमरा और पिंक पुलिस बूथ व्यवस्थाओं की मांग करते रहती है. इसके अलावा वह पर्यावरण से जुड़े अभियानों में भी शामिल रही है.
क्या होता है एग्जीक्यूटिव काउंसलर का काम?
DUSU में एग्जीक्यूटिव काउंसलर का पद बहुत बड़ा और पावरफुल होता है. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की एग्जीक्यूटिव कमेटी (EC) संगठन की मुख्य कार्यकारी कमान के रूप में कार्य करती है. इसका प्राथमिक दायित्व एग्जीक्यूटिव बॉडी द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करना, यूनियन की नीतियों को धरातल पर उतारना और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्रों के अधिकारों तथा अंदरूनी मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है. डूसू चुनावों के दौरान इस कमेटी के सदस्य न केवल स्वयं अपनी जीत सुनिश्चित करते हैं, बल्कि अपनी पूरी टीम और पार्टी के लिए चुनावी रणनीति का प्रबंधन भी संभालते हैं. वे विभिन्न कॉलेजों में जाकर सीधे छात्रों से संपर्क साधते हैं, सघन प्रचार करते हैं और पूरी चुनावी प्रक्रिया के हर पहलू को कुशलतापूर्वक संचालित करते हैं.
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