Gehlot and Pilot reached the House with black bands: राजस्थान में बीजेपी के चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के साथ प्रोटेम स्पीकर और स्पीकर के नामों की घोषणा हो गई. इसके साथ ही राजस्थान में नई सरकार के गठन के बाद पहले विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्षी पार्टी कांग्रेस के दोनों कद्दावर नेता अशोक गहलोत (ashok gehlot) और सचिन पायलट (sachin pilot) बाजू पर काली पट्टी बांधकर आए थे.
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पायलट टोंक और गहलोत ने सरदारपुरा से चुनाव जीतने के बाद विधायक की शपथ ली. इस दौरान भी इनके बाजू पर काली पट्टी बंधी थी. बतौर विधायक दोनों विधायक शपथ लेने के लिए आसंदी तक गए और प्रोटेम स्पीकर से मुलाकात की.
सदन की पहले दिन की कार्यवाही खत्म होने के बाद सचिन पायलट बाहर निकले. इस दौरान जब पत्रकारों ने काली पट्टी बांधने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा- ‘पिछले दिनों में जो घटना संसद में घटनाक्रम हुआ वो सबके सामने है. संपूर्ण विपक्ष ये मांग कर रहा था कि सरकार का एक बयान आए कि जो पायर्लियामेंट में घटना हुई… 13 तारीख को. उसके बदले में लगभग पूरे विपक्ष को लोकसभा और राज्यसभा में निलंबित कर देना… सभी इसको गलत ठहराते हैं. आज विधानसभा में हम काली पट्टी बांधकर विधानसभा में आए हैं और इसका विरोध कर रहे हैं. एक साथ 130-140 सांसद निलंबित कर दिए जाएं ये लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. ये लगातार निलंबित करके सदन के बाहर करने का क्रम बढ़ रहा है.’
टोंक में भी पायलट बोले- लोकतंत्र की हो गई है हत्या
इधर सदन की कार्यवाही के बाद टोंक पहुंचे सचिन पायलट ने कहा कि देश मे लोकतंत्र की हत्या हो रही है. पेपर लीक मामले में एसआईटी के गठन पर पायलट ने कहा- मैने भी आवाज उठाई थी यह अच्छा कदम है, लेकिन सरकार को इस मामले में राजनैतिक द्वेषता से कार्रवाई नहीं करनी चाहिए. वहीं राजस्थान में कांग्रेस में बदलाव और खुद की जिम्मेदारी के सवाल पर पायलट ने कहा जल्द ही राजस्थान में भी जिम्मेदारियां तय कर दी जाएंगी. नई जिम्मेदारियां एआईसीसी तय करेगी.
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