राजस्थान सरकार की ओर से चलाई गई राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना, जिसे लाया तो गरीबों के लिए गया था, लेकिन इस योजना का लाभ 14 आईएएस समेत 73 अफसर उठा ले गए। राजस्थान सरकार की राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के तहत 30% सरकारी अफसरों के बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं। योजना में 245 छात्रों का विदेश में पढ़ने के लिए चयन हुआ था जिसमें 14 आईएएस, आईपीएस समेत 73 अफसरों के बच्चे भी शामिल हैं। राजस्थान सरकार ने 2021 में प्रदेश के मेधावी छात्रों को विदेश में अच्छी शिक्षा देने के मकसद से राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना की शुरूआत की थी, जिसमें बताया गया था कि अब राज्य के गरीब बच्चे भी विदेश में पढ़ने का अपना सपना आसानी पूरा कर सकते हैं लेकिन अब 2 साल बाद योजना की जमीनी हकीकत कुछ और ही सामने आ रही है। गरीब मेधावी बच्चों के लिए गहलोत सरकार की इस योजना का लाभ बड़े बड़े अधिकारियों के बच्चे उठा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस साल सरकार ने योजना के लिए पात्रता का दायरा 8 लाख रुपए सालाना आय से बढ़ाकर 25 लाख कर दिया था जिसके बाद कुल 245 छात्रों का विदेश में पढ़ने के लिए चयन किया गया था, जिनमें 14 आईएएस, आईपीएस समेत 73 अफसरों के बच्चे शामिल हो गए, ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज, हार्वर्ड जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में सरकारी अफसरों के पढ़ाई का खर्चा भी राज्य की सरकार ही उठा रही है, जिसकी वजह से प्रदेश के बहुत से गरीब बच्चे विदेश में शिक्षा पाने से वंचित रह गए। राजस्थान सरकार गरीबों के कल्याण के लिए बहुत सी योजनाएं लेकर आई है, लेकिन जमीन पर ये योजनाओं कितने ठीक तरीके से लागू हो रही हैं अगर इसकी इमानदारी से जांच हो जाए, तो ऐसे बहुत से मामले उजागर होने की उम्मीद है, जिसमें पैसे वाले ही गरीबों का हक डकार रहे हैं।
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Big rigging in government schemes in Rajasthan!
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