ज़िलों वाला मास्टर स्ट्रोक खेलकर फंस तो नहीं गए सीएम साहब!

Didn’t the CM get trapped by playing the master stroke of the districts?

राजस्थान तक

03 Apr 2023 (अपडेटेड: 14 Jul 2023, 06:46 AM)

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राजस्थान में लंबे समय से नए जिले बनाने की मांग उठ रही थी। इसे देखते हुए चुनावी साल में 19 नए जिले बनाकर सीएम गहलोत ने मास्टरस्ट्रोक खेला है। लोग कह रहे हैं सीएम के इस कदम से 2023 में कांग्रेस सरकार रिपीट होगी। लेकिन चुनाव तो दूर है, अभी से ही सरकार के इस फैसले की राह में रोड़े आने लगे हैं। टोंक, जालोर, चूरू, और बूंदी से आई ये तस्वीरें बता रही हैं कि गहलोत का जिले बनाने वाला फैसला लोगों का बहुत ज्यादा पसंद नहीं आ रहा।

टोंक में आज लोगों ने गहलोत सरकार के खिलाफ जमकर बवाल काटा। कार्रवाई करते हुए धरना दे रहे लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लोगों की मांग है कि टोंक का मालपुरा भी जिला बने। श्रीगंगानगर में भी नया जिला सूरतगढ़ बनाने की मांग के साथ लगातार धरना प्रदर्शन और आंदोलन जारी है।

चूरू और बूंदी में भी कमोवेश ऐसे ही हालात हैं।

वहीं झुंझुनूं जिले में भी गुढ़ा बचाओ संघर्ष समिति की अगुवाई में हजारों लोग सड़क पर उतर आए। गुढ़ा गौड़जी तहसील के 24 गांव और रघुनाथपुरा गिरदावर सर्किल को प्रस्तावित नीमकाथाना जिले में शामिल नहीं किए जाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध किया। विरोध सभा में 24 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने अपना विरोध दर्ज करवाया उदयपुरवाटी पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की अगुवाई में स्टेट हाईवे पर घंटों जाम लगाए रखा। भीड़ इतनी थी कि पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। जिस दिन से नीमकाथाना को जिला घोषित किया गया और उदयपुरवाटी और खेतड़ी विधानसभा को शामिल करने का प्रस्ताव आया है, उसी दिन से उदयपुरवाटी क्षेत्र के गुढ़ा इलाके के लोग नीमकाथाना में शामिल होने का विरोध कर रहे हैं इन सब लोगों का कहना है कि वो झुंझुनू जिले में ही रहना चाहते हैं, वहीं खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र के भी कुछ कुछ गांव के लोग नीमकाथाना में शामिल होने का विरोध कर रहे हैं और खेतड़ी को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं इसको लेकर धरने विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है।

19 जिले बन गए, 33 से बढ़कर राजस्थान में कुल 50 जिले हो चुके हैं लेकिन लोग इस फैसले से खुश नहीं दिख रहे। इस फैसले के सामने आते ही राजस्थान में कई जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। अब देखना सरकार इन नाराज लोगों की सुनती है या नहीं।

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