Video: डूंगरपुर के स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, बाल-बाल बचे 120 बच्चे

न्यूज तक डेस्क

• 07:57 PM • 25 Aug 2026

राजस्थान के डूंगरपुर में दोवड़ा ब्लॉक के सरकारी स्कूल की छत ढही. बंद कमरे की छत गिरने से टला बड़ा हादसा. जानें अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्या कहा.

Google CTA

प्रदेश में सरकारी स्कूलों की बदहाली जैसे आरोपों के बीच डूंगरपुर के अपर प्राइमरी स्कूल में एक बड़ा हादसा टल गया. स्कूल में करीब 120 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे. तभी एक कमरे की छत भरभराकर गिर पड़ी. गनीमत रही कि कमरा जर्जर होने के कारण पिछले एक साल से बंद पड़ा था. इसमें क्लास नहीं लग रही थी वरना बड़ा हादसा हो सकता था.  

Read more!

क्या है पूरा मामला ?  

राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत सत्तु देवकी के अपर प्राइमरी स्कूल में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. सुबह करीब 10 बजे स्कूल के एक जर्जर और बंद पड़े कमरे की छत अचानक भरभराकर तेज आवाज के साथ गिर गई. हादसे के वक्त सभी बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे. अचानक तेज आवाज के साथ छत ढहने से पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर बच्चे और टीचर सभी घबरा गए और भागकर कक्षाओं से बाहर निकल गए. वे सभी स्कूल भवन के बाहर मैदान में आ गए. 

1 साल से बंद था कमरा, टल गई बड़ी अनहोनी 

राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी बच्चे या शिक्षक को चोट नहीं आई है. स्कूल प्रबंधन के अनुसार, परिसर में ऐसे दो कमरे लंबे समय से जर्जर हालत में थे. सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने दोनों कमरों को पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया था और पिछले करीब एक साल से उनमें कक्षाएं नहीं लगाई जा रही थीं. इसी सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा होने से बच गया.

अधिकारियों ने लिया जायजा, भेजा गया मरम्मत का प्रस्ताव 

घटना की तुरंत सूचना मिलने पर पीईईओ (PEEO) पंकज वर्मा और सीबीईओ (CBEO) दीपक शाह मौके पर पहुंचे और पूरे स्कूल परिसर की स्थिति का जायजा लिया. सीबीईओ दीपक शाह ने बताया कि स्कूल में कुल 10 कमरे हैं, जिनमें से दो कमरे असुरक्षित घोषित किए गए थे. इनमें से एक कमरे की छत ढह गई है, जबकि दूसरे कमरे की छत भी अभी बेहद जर्जर स्थिति में है. उन्होंने बताया कि दोनों कमरों की मरम्मत और नए निर्माण के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है. बजट और मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा. 

जर्जर भवनों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल 

भले ही बंद कमरा होने के कारण मासूम बच्चे बाल-बाल बच गए, लेकिन इस घटना ने सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब दूसरा कमरा भी बेहद जर्जर हालत में है, तो क्या प्रशासन किसी नए हादसे का इंतजार कर रहा है? मांग की जा रही है कि दूसरे कमरे की मरम्मत भी तुरंत प्रभाव से कराई जाए. 

इनपुट: यशवंत कुमार सोनी

जयपुर के जिस तबेले वाले स्कूल को लेकर मचा था भारी बवाल वो बदला गया, सामने आई नई तस्वीर !